कम जमीन पर बेहतर मुनाफा, अरवी की खेती किसानों के लिए बन रही फायदे का सौदा, जाने

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कम जमीन पर बेहतर मुनाफा, अरवी की खेती किसानों के लिए बन रही फायदे का सौदा, जाने


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अरवी की खेती वर्ष में दो बार की जाती है जिससे किसानों को अच्छा खासा मुनाफा होता है. अगर बात करें तो अरबी इस समय बाजारों में 60 से लेकर 80 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिक रही है. वहीं अरवी की फसल 3 महीने से लेकर 5 महीने के बीच में तैयार हो जाती है. ऐसे में जिन किसानों ने देर में बुवाई शुरू की थी अब बरसात के महीने में उत्पादन शुरू हो जाएगा तब बाजारों में भाव 20 से लेकर 30 रुपए होता है.

लखीमपुर: खीरी जिले में किसान इस समय सब्जी की खेती कर रहे हैं जिससे किसानों को अच्छा खासा मुनाफा हो रहा. वहीं किसान मौसम के अनुसार इस समय किसान अरवी की खेती कर रहे हैं. खीरी का तराई क्षेत्र उपजाऊ मिट्टी और पर्याप्त नमी के लिए जाना जाता है यही वजह है कि यहां अरबी की खेती अच्छी पैदावार देती है किसान बताते हैं कि अरवी की फसल में लागत कम आती है जबकि बाजार में इसकी मांग लगातार बनी रहती है खासकर शहरों और मंडियों में अरबी की कीमत अच्छी मिलने से किसानों को लाभ हो रहा है.

साल भर में दो बार होती है खेती

अरवी की खेती वर्ष में दो बार की जाती है जिससे किसानों को अच्छा खासा मुनाफा होता है. अगर बात करें तो अरबी इस समय बाजारों में 60 से लेकर 80 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिक रही है. वहीं अरवी की फसल 3 महीने से लेकर 5 महीने के बीच में तैयार हो जाती है. ऐसे में जिन किसानों ने देर में बुवाई शुरू की थी अब बरसात के महीने में उत्पादन शुरू हो जाएगा तब बाजारों में भाव 20 से लेकर 30 रुपए होता है.

कम जमीन में भी शानदार मुनाफा

लोकल 18 से बातचीत करते हुए किसान रविंद्र राज ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले करीब 3 वर्षों से हम लगातार सब्जी की खेती कर रहे हैं. हमारे पास जमीन कम है परंतु सब्जी की खेती कर हमें अच्छा खासा मुनाफा हो रहा है. इस समय हम अरबी की खेती कर रहे हैं. अरवी की खेती में अच्छा खासा मुनाफा होता है परंतु कई बार जब अधिक बारिश हो जाती है. तब नुकसान भी हो जाता है. अगर बात करें तो इस समय करीब एक बीघा भूमि पर हम अरबी की खेती कर रहे हैं. यह फसल 30 जून तक तैयार हो जाएगी कम लागत में अधिक मुनाफा अरबी की खेती से कमाया जा सकता है अरबी की खेती करने से दोगुना फायदा होता है अरबी के पत्ते भी बाजारों में बिकते हैं. जिससे अच्छा उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है और कीटों का भी प्रकोप कम रहता है.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें



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