कौन है झांसी के कन्हैयालाल यादव? जिसने अखिलेश के सामने लगाए पुश-अप्स

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कौन है झांसी के कन्हैयालाल यादव? जिसने अखिलेश के सामने लगाए पुश-अप्स


लखनऊ: सोशल मीडिया पर इन दिनों समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का एक वीडियो तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है. वीडियो में एक 50 साल का शख्स अखिलेश यादव के सामने टेबल पर अपनी घड़ी और मोबाइल रखकर फटाफट पुश-अप्स (दंड-बैठक) लगाता नजर आ रहा है. खुद अखिलेश यादव मुस्कुराते हुए उसकी गिनती कर रहे हैं और फिर प्यार से आगे बढ़कर उसे रोकते हैं. क्या आप जानते हैं कि अखिलेश यादव के सामने अपनी फिटनेस का दम दिखाने वाला यह शख्स कौन है? आइए आपको बताते हैं इस वायरल वीडियो के पीछे की पूरी और बेहद दिलचस्प कहानी.

कौन हैं पुश-अप्स लगाने वाले सीताराम यादव?
अखिलेश यादव के सामने अखाड़े की याद ताजा करने वाले इस शख्स का नाम सीताराम यादव उर्फ कन्हैयालाल है. कन्हैयालाल उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के रहने वाले हैं और अपने इलाके के एक बड़े और प्रतिष्ठित किसान हैं. वह समाजवादी पार्टी के एक बेहद सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ता भी हैं. कन्हैयालाल बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही पहलवानी और कसरत करने का शौक रहा है. आज 50 साल की उम्र में भी उनकी फिटनेस का राज यह है कि वह रोजाना अपने घर पर नियम से एक से दो घंटे कड़ी कसरत करते हैं.

जब अखिलेश यादव के सामने ही शुरू कर दी दंड-बैठक
दरअसल, यह वायरल वीडियो 1 जनवरी 2026 का है, जो अब दोबारा सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कन्हैयालाल उस समय लखनऊ में सपा कार्यालय पहुंचे थे. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की 38 किलोग्राम की पीतल की एक खूबसूरत प्रतिमा अखिलेश यादव को भेंट की थी. मुलायम सिंह यादव को याद करते हुए कन्हैयालाल ने अखिलेश से कहा, ‘नेताजी (मुलायम सिंह) सच्चे मायनों में धरती पुत्र थे और खुद एक बड़े पहलवान भी रहे हैं. मैं भी बचपन से पहलवान हूं और आज भी कसरत करता हूं.’

यह सुनते ही अखिलेश यादव भी हंस पड़े और बोले, ‘फिर तो आप पुश-अप्स भी लगाते होंगे, जरा लगाकर दिखाइए!’ नेताजी की प्रतिमा को प्रणाम कर कन्हैयालाल तुरंत वहीं फर्श पर बैठ गए और फटाफट पुश-अप्स लगाने लगे. उन्होंने देखते ही देखते 9 पुश-अप्स लगा दिए. जैसे ही वह 10वीं बार झुकने लगे, अखिलेश यादव ने खुद आगे बढ़कर उन्हें दोनों हाथों से पकड़ लिया और हंसते हुए कहा, ‘बस-बस रहने दो, नहीं तो कल हाथ-पैर दुखेंगे.’ अखिलेश यादव ने उनकी पीठ थपथपाई और इस जिंदादिली के लिए खूब शाबाशी दी.

अखिलेश के जन्मदिन पर दिया 58 किलो की पीतल की ‘साइकिल’ का तोहफा
कन्हैयालाल का अखिलेश यादव के प्रति यह लगाव सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है. हाल ही में 1 जुलाई को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का जन्मदिन था. इस खास मौके पर लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग स्थित सपा दफ्तर में हजारों समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी. कन्हैयालाल भी झांसी से खास तोहफा लेकर वहां पहुंचे थे. उन्होंने अलीगढ़ के कारीगरों से विशेष रूप से तैयार करवाई गई 58 किलोग्राम की पीतल की एक अनोखी प्रतिमा अखिलेश यादव को गिफ्ट की.

इस प्रतिमा में अखिलेश यादव अपनी पार्टी के सिंबल यानी साइकिल पर सवार नजर आ रहे हैं. कन्हैयालाल ने बताया, ‘वहां हजारों की भीड़ और जाम था, लेकिन जैसे ही मैंने आवाज लगाई, अखिलेश जी ने मुझे पहचान लिया और तुरंत अपने पास बुलाकर मूर्ति स्वीकार की. वह वाकई दिल के बहुत साफ हैं और अपने कार्यकर्ताओं का पूरा ध्यान रखते हैं.’

पार्टी की रीढ़ हैं ऐसे कार्यकर्ता: जिलाध्यक्ष
कन्हैयालाल और अखिलेश यादव के बीच का यह पारिवारिक रिश्ता पुराना है. कन्हैयालाल ने अपनी बेटी की शादी का कार्ड भी अखिलेश यादव को खुद जाकर दिया था, जिसके बाद 21 फरवरी को पूर्व मुख्यमंत्री खुद झांसी में उनकी बेटी की शादी के समारोह में शामिल होने पहुंचे थे. कन्हैयालाल का कहना है कि वह खुद को राजनीति की जोड़-तोड़ से दूर रखते हैं, लेकिन पार्टी और नेताजी के विचारों के लिए हमेशा समर्पित हैं.

इस पूरे मामले पर समाजवादी पार्टी के झांसी जिलाध्यक्ष बृजेंद्र सिंह भोजला का कहना है कि सीताराम यादव उर्फ कन्हैयालाल जैसे निष्ठावान और ऊर्जावान कार्यकर्ता ही असल मायने में पार्टी की असली रीढ़ और ताकत होते हैं. फिलहाल, कन्हैयालाल का यह फिटनेस वीडियो और उनकी वफादारी इंटरनेट पर लोगों का दिल जीत रही है.



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