क्या आजम खान फिर नहीं जाएंगे जेल, सारे क्रिमिनल केस हो सकते हैं खत्म, अखिलेश यादव के ऐलान में कितनी सच्चाई?
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Akhilesh And Azam Khan News: आजम खान के जेल से रिहा होने के बाद समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार आने के बाद हम उनके खिलाफ लगे सारे केस वापस ले लेंगे. आखिलेश ने यह जो दावा किया है उसमें कितनी सच्चाई है और क्या सच में अपराधिक मामलों को वापस लिया जा सकता है.
आजम खान जो यूपी कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल हैं. मंगलवार को लगभग दो साल बाद सीतापुर जेल से जमानत पर बाहर आए. आजम खान के जेल से बाहर आते ही अखिलेश यादव ने कहा कि वह न सिर्फ पार्टी के संस्थापक सदस्य हैं बल्कि समाजवादी आंदोलन के एक अहम स्तंभ भी हैं. यह हमारे लिए खुशी का पल है कि उन्हें आखिरकार न्याय मिला. अखिलेश ने आरोप लगाया कि मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता में आने के बाद खुद और अपने सहयोगियों पर दर्ज मामले वापस ले लिए. उन्होंने कहा कि सपा की सरकार बनने पर आजम खान और पत्रकारों समेत उन सभी लोगों को राहत दी जाएगी, जिन्हें राजनीतिक प्रताड़ना के तहत झूठे मामलों में फंसाया गया है.
कानून का पहलू
भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 321 के तहत राज्य सरकार किसी भी आपराधिक मामले को वापस लेने का अधिकार रखती है, लेकिन यह अदालत की अनुमति पर निर्भर करता है. यानी, सरकार चाहे तो केस वापसी की सिफारिश कर सकती है मगर अंतिम फैसला अदालत लेती है.
पहले भी हुए ऐसे उदाहरण
बिहार, तमिलनाडु और अन्य राज्यों में भी राजनीतिक बदलाव के बाद ऐसे मामले हुए हैं जब नेताओं या आंदोलनकारियों पर दर्ज केस वापस लिए गए. इसलिए अखिलेश यादव का यह ऐलान कानूनी रूप से संभव है. मगर इसकी राह आसान नहीं होगी, क्योंकि हर केस की प्रकृति और अदालत की अनुमति इसमें अहम भूमिका निभाएगी.
23 महीने बाद जेल से निकले आजम
रामपुर से 10 बार विधायक और पूर्व मंत्री आजम खान लगभग 23 महीने हिरासत में रहने के बाद मंगलवार को सीतापुर जेल से रिहा हो गए. उन्हें क्वालिटी बार भूमि अतिक्रमण मामले और अन्य आरोपों में जेल में रखा गया था. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उन पर 111 आपराधिक मामले दर्ज हैं. हालांकि अब उन्हें उन सभी मामलों में जमानत मिल गई है, जिनमें उन्हें दोषी ठहराया गया था. खान के बेटे अदीब सहित समर्थकों की भारी भीड़ सीतापुर जेल के बाहर उनका स्वागत करने के लिए जमा हो गई, जिससे पुलिस को स्थिति पर नजर रखने के लिए ड्रोन तैनात करने पड़े. खान को पहले 2022 में जमानत पर रिहा किया गया था, लेकिन उनके खिलाफ नए आरोप दर्ज होने के बाद अक्टूबर 2023 में उन्हें वापस जेल भेज दिया गया. उनके वकील का कहना है कि कई मामले राजनीति से प्रेरित थे, जिनमें से कई पहले ही वापस ले लिए गए हैं, बरी हो चुके हैं या उन पर मुकदमा चल रहा है.