गाजियाबाद हिंडन एयरपोर्ट बनेगा वेस्ट यूपी का बड़ा एविएशन हब, देशभर के लिए सीधी उड़ानें
Hindon Airport: दिल्ली की भीड़ और लंबी दूरी वाले एयरपोर्ट के झंझट से जल्द ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है. गाजियाबाद का हिंडन एयरपोर्ट अब छोटे स्तर की सुविधा से आगे बढ़कर बड़े एविएशन हब के रूप में विकसित होने जा रहा है. एयरपोर्ट के विस्तार की तैयारी तेज हो चुकी है. जिसके बाद देश के कई नए शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है. इससे न सिर्फ यात्रियों का समय और पैसा बचेगा, बल्कि गाजियाबाद समेत आसपास के जिलों को भी विकास की नई उड़ान मिलेगी.
एयरपोर्ट प्रशासन ने हिंडन एयरपोर्ट के विस्तार के लिए कुल 14 एकड़ अतिरिक्त जमीन की मांग की है. प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया तेज कर दी गई है. करीब 6.8 एकड़ जमीन के लिए किसानों से सहमति बन चुकी है और प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है, जबकि शेष 7.2 एकड़ जमीन के लिए किसानों से बातचीत जारी है. विस्तार के बाद एयरपोर्ट का कुल क्षेत्रफल 21.5 एकड़ से अधिक हो जाएगा.
अब तक हिंडन एयरपोर्ट पर विमानों की पार्किंग और यात्री सुविधाओं की सीमित क्षमता बड़ी बाधा बनी हुई थी. एक साथ अधिक विमान खड़े करने के लिए पर्याप्त जगह न होने से नई उड़ानों की शुरुआत प्रभावित हो रही थी. विस्तार के तहत पार्किंग एरिया, चेक-इन काउंटर और यात्री सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा, ताकि अधिक एयरलाइंस यहां से अपनी सेवाएं शुरू कर सकें.
फिलहाल हिंडन एयरपोर्ट से बेंगलुरु, मुंबई, चेन्नई, वाराणसी, अयोध्या और लखनऊ जैसे शहरों के लिए उड़ानें संचालित हो रही है. विस्तार के बाद पूर्वी, दक्षिणी और पश्चिमी भारत के कई अन्य शहरों को भी सीधे जोड़ने की योजना है. इससे गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर और पूर्वी दिल्ली के लाखों यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है.
यात्रियों के लिए सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि उन्हें उड़ान पकड़ने के लिए अब दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट या जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक लंबा सफर तय नहीं करना पड़ेगा. गाजियाबाद रेलवे स्टेशन और आनंद विहार जैसे प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट्स से हिंडन एयरपोर्ट की दूरी अपेक्षाकृत कम है. ऐसे में यात्रियों के समय और यात्रा खर्च दोनों की बचत होगी.
केंद्र और प्रदेश सरकार की पहल पर 2019 में हिंडन एयरपोर्ट से वाणिज्यिक उड़ान सेवाएं शुरू हुई थी. जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. इसके बाद से यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ी है और अब इसे बड़े क्षेत्रीय एयर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम हो रहा है.
जमीन खरीद को लेकर प्रशासन और किसानों के बीच दर तय हो चुकी है. सड़क किनारे की जमीन के लिए 24,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर और अंदर की जमीन के लिए 22,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर का रेट निर्धारित किया गया है. शुरुआती 6.8 एकड़ जमीन खरीदने पर लगभग 63 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. जिसकी व्यवस्था प्रदेश सरकार करेगी.
गाजियाबाद के सांसद अतुल गर्ग ने भी नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सामने एयरपोर्ट विस्तार की जोरदार पैरवी की थी. उनका कहना है कि विस्तार पूरा होने के बाद हिंडन एयरपोर्ट न केवल गाजियाबाद, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण हवाई सुविधा के रूप में उभरकर सामने आएगा.