गैस समझकर टालते रहे बीमारी, उधर खराब होती रही किडनी, कानपुर में आई ये कैसी आफत?

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गैस समझकर टालते रहे बीमारी, उधर खराब होती रही किडनी, कानपुर में आई ये कैसी आफत?


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Kanpur News : क्या आप भी इन दिनों पेट में गैस, दस्त या पेट फूलने की समस्या से परेशान हैं. अगर ऐसा हो तो इसे हल्के में न लें. यही लापरवाही किडनी खराब कर सकती है. कानपुर के एलएलआर अस्पताल में पिछले छह माह के दौरान ऐसे 500 से अधिक मरीज पहुंचे, जिनकी शुरुआती परेशानी पेट और गैस से जुड़ी थी, लेकिन जांच में पता चला कि किडनी डैमेज हो रही है. ऐसा समय पर इलाज न मिलने की वजह से हुआ. एलएलआर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. एसके गौतम लोकल 18 से बताते हैं कि गर्मी के मौसम में एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है. अस्पताल में आने वाले ज्यादातर मरीजों में पाया गया कि उन्होंने पेट खराब होने को साधारण गैस की समस्या समझ लिया.

कानपुर. पेट में गैस, दस्त या पेट फूलने जैसी समस्याओं को अक्सर लोग सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही लापरवाही कई बार किडनी के लिए गंभीर खतरा बन जाती है. कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध एलएलआर अस्पताल में पिछले छह माह के दौरान ऐसे 500 से अधिक मरीज पहुंचे, जिनकी शुरुआती परेशानी पेट और गैस से जुड़ी थी, लेकिन समय पर इलाज न मिलने से उनकी किडनी प्रभावित हो गई. एलएलआर अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एसके गौतम लोकल 18 से बताते हैं कि गर्मी के मौसम में एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है. इस बीमारी में मरीजों को उल्टी-दस्त, पेट दर्द, गैस और पेट फूलने जैसी शिकायतें होती हैं. लगातार दस्त और उल्टी के कारण शरीर में पानी की मात्रा तेजी से कम होने लगती है. यदि समय रहते उपचार न कराया जाए तो इसका सीधा असर किडनी पर पड़ता है.

हल्के में लेना पड़ा भारी

डॉ. गौतम के अनुसार, अस्पताल में आने वाले अधिकांश मरीजों में पाया गया कि उन्होंने पेट खराब होने को साधारण गैस की समस्या समझ लिया. कई दिनों तक घरेलू उपचार और दवाओं के भरोसे रहने के कारण उनके शरीर में गंभीर डिहाइड्रेशन हो गया. पानी की कमी बढ़ने पर किडनी तक पर्याप्त रक्त नहीं पहुंच पाया और किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगी. कुछ मरीज तो किडनी फेल्योर जैसी गंभीर स्थिति तक पहुंच गए. हालांकि समय पर जांच और उपचार मिलने से अधिकांश मरीजों की हालत में सुधार किया जा सका. चिकित्सकों का कहना है कि पेट से जुड़ी किसी भी समस्या को हल्के में नहीं लेना चाहिए. लगातार गैस बन रही हो, पेट फूल रहा हो, दस्त या उल्टी हो रही हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

इन लोगों को खतरा ज्यादा

डॉ. गौतम ने बताया कि हाल के दिनों में जब तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचा था, तब हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीजों की परेशानी भी बढ़ गई थी. जांच में कई मरीजों के शरीर में पानी की गंभीर कमी मिली. ऐसे मरीजों में किडनी संबंधी जटिलताओं का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में अधिक रहता है. चिकित्सकों का कहना है कि गर्मी के मौसम में प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम तीन लीटर पानी जरूर पीना चाहिए. इससे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों, विशेषकर किडनी और लीवर, की कार्यक्षमता बेहतर बनी रहती है.

डॉक्टरों ने लोगों को दूषित पानी, खुले में बिकने वाले कटे फल और बाहरी खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह दी है. उल्टी, दस्त, पीलिया, यूरिन कम आने या अन्य किसी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करने की अपील की है. समय पर जांच और उपचार ही किडनी को गंभीर नुकसान से बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें



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