गोरखपुर में बुखार का कहर! तीन दिन तक न उतरे तो डेंगू-चिकनगुनिया की कराएं जांच
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Gorakhpur news : गोरखपुर में इन दिनों वायरल फीवर तेजी से फैल रहा है और डेंगू का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। डॉक्टरों की मानें तो अगर बुखार लगातार तीसरे दिन भी न उतरे तो तुरंत जांच करानी चाहिए, वरना बीमारी गंभीर रू…और पढ़ें
गोरखपुर : यूपी में मौसम तेजी से बदल रहा है. उमस भरी गर्मी और बीच-बीच में हो रही बरसात के कारण शहर में वायरल फीवर तेजी से फैल रहा है. इसके साथ ही डेंगू और टाइफाइड के मामले भी बढ़ने लगे हैं. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को आगाह किया है कि, अगर तीन दिन तक बुखार में सुधार नहीं हो रहा है, तो तुरंत जांच कराएं. जिले में अब तक 20 से अधिक डेंगू मरीजों की पुष्टि हो चुकी है.
डॉक्टरों का कहना है कि, वायरल बुखार सामान्य दवा से ठीक हो जाता है, लेकिन लगातार तीन दिन तक बुखार बने रहना टाइफाइड या डेंगू का संकेत हो सकता है. कई मरीज ऐसे आए हैं जिन्हें जिला अस्पताल के OPD में लगातार तेज बुखार की शिकायत थी और जांच में टाइफाइड मिला. वहीं डेंगू के मरीजों में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से घट रही है.
- लक्षण और सतर्कता
डेंगू के मरीजों में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों और शरीर में दर्द, त्वचा पर लाल दाने प्रमुख लक्षण हैं. - टाइफाइड के मरीजों में लगातार बुखार के साथ कमजोरी और थकान देखी जा रही है.
बुखार के पहले ही दिन एंटीबायोटिक का सेवन न करें, जरूरत पड़ने पर ही जांच और दवा लें.
बरसात से बढ़ रहा खतरा
गौरतलब है कि बरसात और तेज धूप के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है. पानी जमने से डेंगू के लार्वा तेजी से पनप रहे हैं. यही कारण है कि शहर में डेंगू और टाइफाइड दोनों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं.
गौरतलब है कि बरसात और तेज धूप के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है. पानी जमने से डेंगू के लार्वा तेजी से पनप रहे हैं. यही कारण है कि शहर में डेंगू और टाइफाइड दोनों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं.
बचाव के उपाय
- घर और आसपास पानी न जमने दें.
- शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें.
- मच्छरदानी और रिपेलेंट का प्रयोग करें.
- बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
- खुला और बासी खाना न खाएं.
- शरीर में पानी की कमी न होने दें.
स्वास्थ्य विभाग की अपील
जिला अस्पताल के SIC डॉ संजय कुमार ने लोगों से अपील की है कि, किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें. समय पर जांच और इलाज से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है. मौसम बदलते ही डेंगू और टाइफाइड का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है.
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