घर पर शुरू किया यह छोटा सा काम, आज बन गई बिजनेस वूमेन, सालाना 40 लाख की है कमाई, विदेशों तक है डिमांड

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घर पर शुरू किया यह छोटा सा काम, आज बन गई बिजनेस वूमेन, सालाना 40 लाख की है कमाई, विदेशों तक है डिमांड


विशाल भटनागर/ मेरठ: प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में शिक्षा के माध्यम से काफी बड़े-बड़े बदलाव आते हैं. वह आप पर निर्भर है कि अपनी शिक्षा का किस तरह से बेहतर उपयोग करते हुए आगे बढ़ सके. जी हां यह बात  इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि मेरठ के गांधीनगर की रहने वाली मधु अग्रवाल द्वारा पढ़ाई के दौरान गृह विज्ञान में जो अध्ययन किया था, उसी शिक्षा के बदौलत वह अनुभि इंटरप्राइजेज के माध्यम से अचार, मसाले का बिजनेस कर रही हैं. जिसके माध्यम से सालाना लाखों रुपए कमा रही है. ऐसे में मधु अग्रवाल से लोकल 18 की टीम द्वारा खास बातचीत की गई.

स्कूल की शिक्षा का किया घर में उपयोग

बिजनेस वूमेन मधु अग्रवाल बताती हैं कि जब उन्होंने शिक्षा हासिल की थी. तब गृह विज्ञान विषय में काफी रुचि रखती थी. ऐसे में गृह विज्ञान में पढ़ते समय जो प्रैक्टिकल के माध्यम से टीचरों द्वारा सिखाया गया था. उसका उपयोग करते हुए घर में कई तरह के मसाले और आचार मुरब्बा बनाना का कार्य करती थी. जो रिलेटिव सहित अन्य लोगों को काफी पसंद आता था. उन्होंने अपने इसी हुनर को व्यवसाय के रूप में तब्दील कर दिया. इसके माध्यम से आज उन्हें एक विशेष पहचान मिल चुकी है. उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में 50 से अधिक प्रकार के मसाले, अचार, मुरब्बा, जैम सहित अन्य प्रकार के प्रोडक्ट तैयार कर रही हैं. जो लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं.

यहां से हासिल किया फूड प्रोसेसिंग

मधु अग्रवाल बताती हैं कि जब उन्होंने बिजनेस की शुरुआत. उसके बाद बिजनेस को प्रोफेशनल तौर पर आगे बढ़ाने के लिए मेरठ के मोदीपुरम पल्हेडा स्थित राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र से फूड प्रोसेसिंग का डिप्लोमा कोर्स किया. इस ट्रेनिंग के बाद वह फूड प्रोसेसिंग से संबंधित मुरब्बा, अचार, मसाले, जैम सहित विभिन्न प्रकार की चीज तैयार कर रही हैं. वह बताती हैं कि उनके द्वारा बनाए गए यह प्रोडक्ट देश नहीं बल्कि विदेशों में भी काफी पसंद किए जा रहे हैं.

बिजनेस को दिया बेटी का नाम

बताते चलें कि मधु अग्रवाल द्वारा अपने इस बिजनेस का नाम अपनी बेटी अनुभि के नाम पर रखा है.अनुभि इंटरप्राइजेज के नाम के साथ बिजनेस की शुरुआत के साथ ही वह वर्तमान समय में आम का अचार, नींबू का अचार, कटहल का अचार, पचरंगा अचार, मिर्च का अचार, अदरक का अचार, मेथी दाना, ड्राई फ्रूट्स, करेले सूखे मेवे का अचार आमले का मुरब्बा सहित विभिन्न प्रकार के मसले तैयार कर रही हैं. उनका कहना है कि वह प्रीमियम क्वालिटी पर ज्यादा फोकस रखती हैं, जिससे कि लोगों को अच्छे प्रोडक्ट उपलब्ध कराया जा सके.

उन्होंने बताया कि इस बिजनेस के माध्यम से जहां वह खुद सालाना 40 लाख रुपए से अधिक कमा लेती है. वही 20 से अधिक महिलाओं को बेरोजगार उपलब्ध करा रही हैं.



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