जेवर एयरपोर्ट से सफर होगा महंगा, AERA ने लगाए भारी UDF शुल्क, दिल्ली से 4 गुना ज्यादा

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जेवर एयरपोर्ट से सफर होगा महंगा, AERA ने लगाए भारी UDF शुल्क, दिल्ली से 4 गुना ज्यादा


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Noida Airport High Udf Charges: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से यात्रा करना यात्रियों के लिए दिल्ली एयरपोर्ट की तुलना में काफी महंगा होगा. एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नोएडा एयरपोर्ट पर वसूले जाने वाले यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF) को मंजूरी दे दी है.

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जेवर एयरपोर्ट से उड़ान होगी मंहगी

Jewar Airport Charges: नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से यात्रा करना महंगा होगा. अब यात्रियों की जेब पर भार बढ़ने वाला है. एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) ने जेवर एयरपोर्ट के लिए यात्री विकास शुल्क तय कर दिया है जो दिल्ली एयरपोर्ट की तुलना में कई गुना अधिक है. ऐसे में 15 जून से शुरू होने वाली उड़ानों के किराए महंगे होने की संभावना बढ़ गई है. अथॉरिटी ने एयरपोर्ट के शुरुआती वर्षों के लिए परिवर्तनीय शुल्क योजना को भी मंजूरी दी है. यह शुल्क वस्तु एवं सेवा कर से अलग होगा और विमानन कंपनियां इसे टिकट के किराए में जोड़कर यात्रियों से वसूलेंगी.

एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का यात्री विकास शुल्क निर्धारित कर दिया है. प्राधिकरण के अनुसार घरेलू यात्रियों से प्रस्थान पर 490 रुपये और आगमन पर 210 रुपये शुल्क लिया जाएगा. वहीं अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को प्रस्थान पर 980 रुपये और आगमन पर 420 रुपये चुकाने होंगे.

गौरतलब है कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट 15 जून 2026 से व्यावसायिक संचालन शुरू करने जा रहा है. इंडिगो यहां से पहली व्यावसायिक उड़ान संचालित करेगी, जबकि अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस भी जल्द अपनी सेवाएं शुरू करेंगी.

दिल्ली एयरपोर्ट की तुलना में जेवर एयरपोर्ट का यात्री विकास शुल्क काफी ज्यादा रखा गया है. दिल्ली एयरपोर्ट पर घरेलू यात्रियों से प्रस्थान पर करीब 129 रुपये शुल्क लिया जाता है, जबकि जेवर एयरपोर्ट पर यह शुल्क 490 रुपये होगा. ऐसे में शुरुआती दौर में यात्रियों को महंगे टिकट का सामना करना पड़ सकता है.

विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट एक नई हवाई परियोजना है. जिसमें भारी निवेश किया गया है. शुरुआती वर्षों में यात्रियों की संख्या कम रहने के कारण प्रति यात्री लागत अधिक पड़ रही है. इसी वजह से प्राधिकरण ने एयरपोर्ट को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए अधिक शुल्क को मंजूरी दी है.

हालांकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते हवाई यातायात के दबाव को कम करने और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को बेहतर हवाई संपर्क देने में यह एयरपोर्ट बड़ी भूमिका निभाएगा. लेकिन फिलहाल यात्रियों को अतिरिक्त शुल्क का बोझ उठाना पड़ सकता है.

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Manish Rai

काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें



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