जौनपुर का ये घाट बना शहर की जान, बनारस को दे रहा टक्कर, जानें कैसे बदली सूरत

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जौनपुर का ये घाट बना शहर की जान, बनारस को दे रहा टक्कर, जानें कैसे बदली सूरत


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Gopi ghat in jaunpur : यहां गोमती की लहरों पर चलती नौकाएं और उसके किनारे की हरियाली देखते ही बनती है. अब ये केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, मनोरंजन और आराम का बेहतरीन स्थल बन चुका है.

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गोपी घाट जौनपुर 

हाइलाइट्स

  • गोपी घाट जौनपुर में पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है.
  • घाट पर नौका विहार और हरियाली का आनंद लिया जा सकता है.
  • सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित नाविक और लाइफ जैकेट की अनिवार्यता है.

जौनपुर. गोमती नदी के किनारे स्थित गोपी घाट पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है. जौनपुर के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों में से एक ये घाट अब अपनी नई पहचान के साथ लोगों को लुभा रहा है. घाट के पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण के बाद यहां आने वालों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. सुबह और शाम के समय यहां सैकड़ों लोग सैर-सपाटा करने और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए पहुंचते हैं. गोपी घाट की खूबसूरती में नौका विहार चार चांद लगा रही है. गोमती की शांत लहरों पर नौकाओं की सैर करना अब यहां का अनिवार्य अंग बन चुका है. परिवार, दोस्त, युवा जोड़े और बच्चे – सभी नौका विहार का आनंद लेते नजर आते हैं. नदी की लहरों पर चलती नौकाएं और उसके किनारे की हरियाली देखते ही बनती है.

नावों की नियमित जांच

स्थानीय प्रशासन की ओर से नौका विहार को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं. घाट पर प्रशिक्षित नाविकों की तैनाती की गई है, लाइफ जैकेट की अनिवार्यता लागू की गई है और नावों की नियमित जांच भी की जाती है. बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सुविधा वाली नावें भी उपलब्ध कराई गई हैं. पर्यटकों के लिए घाट पर बैठने के लिए सुंदर छायादार स्थान, सजे-संवरे पथ और रात्रि में जगमगाती रोशनी का भी प्रबंध किया गया है, जो इस स्थान को और भी आकर्षक बना देता है. अब ये केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि मनोरंजन और आराम का बेहतरीन स्थान बन चुका है.

बनारस और लखनऊ की याद

स्थानीय दुकानदारों और फेरीवालों के लिए भी ये स्थान रोजगार का नया जरिया बन गया है. चाय, नाश्ता, स्थानीय व्यंजन और हस्तशिल्प की दुकानों पर पर्यटक खूब रुचि दिखा रहे हैं. इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिला है, बल्कि घाट क्षेत्र में रौनक भी बढ़ गई है. पर्यटक बताते हैं कि गोपी घाट का सौंदर्यीकरण और नौका विहार की सुविधा उन्हें बनारस और लखनऊ की याद दिलाता है. वे चाहते हैं कि यहां और भी पर्यटन गतिविधियां शुरू की जाएं जैसे संगीत संध्या, योग शिविर, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि, ताकि ये स्थान एक पूर्ण पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो सके.

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