ट्रक के अंदर बनाया था ‘सीक्रेट’ तहखाना, छिपा रखी थी ऐसी चीज, देख पुलिस भी रह गयी दंग, फिर…
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Lucknow News: बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बाद भी शराब का खेप आनी नहीं रुक रही है. शराब कारोबारी शराब की खेप मंगाने में लगातार जुटे हुए हैं, वहीं इन कारोबारियों के मंसूबों पर पुलिस पानी फेरती हुई दिख रही है.
पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान ट्रक को पकड़ा,.
हाइलाइट्स
- बिहार ले जाई जा रही शराब पकड़ी.
- दो तस्करों पर कसा शिकंजा.
- हिमाचल प्रदेश से बड़ा कनेक्शन.
बिहार में शराब पर बैन
जी हां, बिहार में शराब पर पूरी तरह से बैन लगा हुआ है. यहां न तो शराब बेची जा सकती है और न ही कोई किसी भी तरीके से खरीद सकता है. मगर, फिर भी शराब प्रेमी निराश न हों इसके लिए कुछ लोग हैं, जो गलत तरीके से ड्राई स्टेट में शराब पहुंचाने का काम करते हैं. अब लखनऊ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. गोसाईगंज थाना पुलिस ने बताया है कि ट्रक से कुल 14484 बोतल शराब जब्त की गई है. साथ ही खेप के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार हुए हैं. ट्रक को तस्करों ने लखनऊ के ही एक शख्स से रेंट एग्रीमेंट कराकर हड़प लिया था.
यह है मामला
पुलिस को सूचना मिली थी कि एक ट्रक में अवैध अंग्रेजी शराब ले जाई जा रही है. इस दौरान कबीरपुर में पुलिस ने एक ट्रक को पकड़ा. फिर ट्रक में सवार दो लोगों दिनेश परमार (ड्राइवर) और जगदीश (क्लीनर) से पूछताछ की. आरोपियों ने बताया कि वाहन में लोहे के पाइप लदे हैं. उन्होंने आरके इंटरप्राइजेज दिल्ली से जारी 10 टन लोहे के पाइप का बिल भी दिखाया. बिल असम के विपिन इंटरप्राइजेज के नाम पर था. मगर, जब तलाशी ली गई तो बड़ी मात्रा में शराब की बोतलें पाई गईं. दोनों आरोपी उज्जैन के थाना खांचरोद चापानेर के रहने वाले हैं.
इधर, शराब हिमाचल प्रदेश में बनाई गई थी और केवल चंडीगढ़ में बिक्री के लिए वैध थी. तस्कर इसे बिहार में बेचने ले जा रहे थे. जांच में यह भी खुलासा हुआ कि वाहन मालिक ने गाड़ी रोहतास नाम के व्यक्ति को पंजाब में चलाने के लिए दी थी. रोहतास ने न तो गाड़ी का पैसा दिया और न ही वाहन वापस किया. दोनों आरोपियों ने बताया कि गाड़ी में फर्जी नंबर प्लेट लगाकर कूटरचित आरसी तैयार कर लेते हैं और उसको असली के रूप में प्रयोग करते हैं. इस बात की जानकारी हम लोगों के अलावा जो माल भेजता है उसे भी रहती है. बता दें, ट्रक चंडीगढ़ से अंबाला, हाथरस, आगरा एक्सप्रेस-वे होते हुए लखनऊ आया था. यहां से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे होते हुए बिहार ले जाने की प्लानिंग थी.
आरोपियों ने बताया कि बिहार में शराबबंदी है इसलिए तीन गुना अधिक रेट में बेचते हैं. इससे ये शराब बिहार में करीब 1 करोड़ की बिकती है. शराब को बिहार प्रांत में कहां पर उतारना है, इसके लिए हम लोग माल भेजने वाले और खरीदने वाले से सिग्नल मोबाइल एप के माध्यम से बातचीत करते हैं. अन्य किसी चैटिंग एप पर बात नहीं करते हैं.