ताजमहल या अग्रेश्वर महादेव मंदिर? योगी यूथ ब्रिगेड का कोर्ट में बड़ा दावा

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ताजमहल या अग्रेश्वर महादेव मंदिर? योगी यूथ ब्रिगेड का कोर्ट में बड़ा दावा


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Taj Mahal Controversy: ताजमहल या अग्रेश्वर महादेव मंदिर? मुगलों की बनाई नायाब इमारत या प्राचीन हिंदू धार्मिक स्थल? दुनिया के सात अजूबों में शामिल आगरा के ताजमहल को लेकर एक बार फिर कानूनी और ऐतिहासिक दावों की जंग तेज हो गई है. योगी यूथ ब्रिगेड ने कोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया है कि मुगलों ने प्राचीन शिव मंदिर पर कब्जा कर उसे मकबरे का रूप दे दिया था, जिसके पुख्ता प्रमाण आज भी मौजूद हैं.

Taj Mahal Controversy: उत्तर प्रदेश के आगरा को ताजमहल के लिए दुनियाभर में जाना जाता है. आगरा का ताजमहल सफेद संगमरमर से बना खूबसूरत मकबरा है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण इसे मुगलकाल में बनी भव्य इमारत बताता है, जिसका निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी पत्नी की याद में कराया था. आगरा के कुछ हिंदूवादी संगठन इसे ताजमहल नहीं बल्कि शिव मंदिर यानी की तेजोमहल बताते हैं. आगरा के योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष अजय तोमर ने ताजमहल को अग्रेश्वर महादेव मंदिर होने का दावा किया है. उन्होंने कहा कि यह शिव मंदिर है, इसके कई प्रमाण उनके पास हैं. इन्हीं सभी साक्ष्यों को लेकर उन्होंने आगरा न्यायालय में याचिका भी डाली हुई है.

ताजमहल में हिंदू प्रतीकों और कलश होने का दावा
उन्होंने कहा कि ताजमहल के मुख्य गुंबद के ऊपर हिंदू कलश है, ताजमहल में फूल-पत्तियों की आकृति है जिसे हिंदू प्रतीक माना जाता है. इसके अतिरिक्त यमुना किनारा होना, पश्चिमी गेट के बाद श्मशान घाट होना और आस-पास कई अन्य शिव मंदिर होना, इसे हिंदू धर्म का स्थान माना जाता है. उन्होंने बताया कि वरिष्ठ इतिहासकार पुरुषोत्तम नागेश ओक की किताब ‘ताजमहल मंदिर भवन है’ में भी इसका जिक्र किया गया है. उन्होंने कहा कि हमारे मंदिर पर मुगलों ने कब्जा किया और फिर इसे ताजमहल नाम दे दिया. उन्होंने दावा किया है कि आज भी ताजमहल के नीचे प्राचीन शिवलिंग है और यही सब मांग को लेकर उन्होंने कोर्ट में केस भी दायर किया हुआ है.

चंदेल राजाओं और राजा मानसिंह के इतिहास का हवाला
आगरा के हिंदूवादी संगठन योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष अजय तोमर ने कहा कि मुगलकाल से पहले यह स्थान हिंदू धार्मिक स्थल था. उन्होंने कहा कि वरिष्ठ इतिहासकार पुरुषोत्तम नागेश ओक की किताब ‘ताजमहल मंदिर भवन है’ में भी इसका साफ-साफ मंदिर होने का जिक्र किया गया है. उन्होंने कहा कि कई सदियों पहले जब राजा चंदेल और उनके बेटे राजा परमार ने यहाँ एक हवेली बनाई थी, उनके वंशज राजा मानसिंह और राजा जय सिंह ने इस हवेली पर राज किया था. उस दौरान ताजमहल वाले स्थान पर मंदिर का निर्माण किया गया था. अजय तोमर ने दावा किया कि उस दौर में यहां अग्रेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण किया गया था.

मुगलों के कब्जे और 23 जुलाई के कोर्ट केस का जिक्र
उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे जैसे शासन बदला और जब मुगलों ने आगरा में कब्जा किया तब इसे धोखे से हड़प लिया गया था. उन्होंने कहा कि मुगलों ने जिस तरह से सोमनाथ मंदिर को तोड़ा, अयोध्या में मंदिर की जगह मस्जिद बनवाई, इसी तरह मथुरा में किया जिसका केस भी न्यायालय में चल रहा है. उन्होंने कहा कि इस तरह मुगलों और तुर्कों ने कई हिंदू धार्मिक स्थलों को क्षति पहुंचाकर मस्जिद या मकबरे बनवाए थे और इसी तरह ताजमहल का निर्माण भी मुगलों ने किया जबकि यहाँ पहले शिव मंदिर था. उन्होंने कहा कि हमने कोर्ट में 23 जुलाई 2024 को वाद दायर किया और मांग की है कि हमें भी वहाँ जलाभिषेक और पूजा-पाठ की अनुमति मिलनी चाहिए.

आगरा न्यायालय में पेश किए गए साक्ष्य
उन्होंने कहा कि इसे लेकर आगरा न्यायालय में उनका केस चल रहा है. उन्होंने कहा कि सबूतों के तौर पर कोर्ट में ताजमहल पर बनी हिंदू आकृतियों के बारे में बताया गया है, ताजमहल जिस स्थान पर है वह हिंदू स्थल कैसे है उस बारे में बताया गया है; इसके अतिरिक्त इतिहासकार पुरुषोत्तम नागेश ओक की किताब ‘ताजमहल हिंदू भवन है’ भी पेश की गई है. इसे लेकर कोर्ट में लगातार तारीखें चल भी रही हैं.

सावन के सोमवार को फ्री एंट्री देने की मांग
योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष अजय तोमर ने अपील की है कि जिस तरह उर्स, ईद आदि पर ताजमहल में एंट्री फ्री होती है, उसी तरह सावन के चारों सोमवार को भी ताजमहल में फ्री प्रवेश होना चाहिए. उन्होंने कहा हालांकि मामला कोर्ट में विचाराधीन है लेकिन एक आपसी भाईचारे के नाते भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को ऐसा करना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि आज भी ताजमहल के नीचे प्राचीन शिवलिंग है.

मुगलों ने मंदिर पर कब्जा कर उस पर बाद में ताजमहल के नाम की इमारत बनवा दी जबकि यहाँ पहले से अग्रेश्वर महादेव शिव मंदिर था. उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है, देर से ही सही लेकिन कोर्ट सही समय आने पर सही फैसला ही सुनाएगी. इसके लिए वह सभी तथ्यों को कोर्ट में जमा कर चुके हैं और बाकी शेष तथ्य भी अगली तारीखों में जमा कर दिए जाएंगे.

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Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें



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