पार्कों के समय में कटौती से नाराज़ नोएडा के लोग! बोले- मेंटेनेंस के करोड़ों लेते हैं, सुविधाएं क्यों कम?

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पार्कों के समय में कटौती से नाराज़ नोएडा के लोग! बोले- मेंटेनेंस के करोड़ों लेते हैं, सुविधाएं क्यों कम?


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Noida News : ग्रेटर नोएडा वेस्ट की गौर सिटी में अचानक बदले पार्क टाइमिंग को लेकर निवासियों में जबरदस्त नाराज़गी है. राधा कृष्णा पार्क में हुई बड़ी बैठक में लोगों ने कहा कि 7:30 बजे पार्क बंद होने से कामकाजी और वरिष्ठ नागरिकों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है. मेंटेनेंस के नाम पर करोड़ों रुपये देने वाले निवासी अब समय कटौती को अनुचित और अधिकारों का हनन बता रहे हैं.

ग्रेटर नोएडा: वेस्ट स्थित गौर सिटी वन और आसपास की सोसाइटियों में पार्कों के समय में अचानक की गई कटौती को लेकर residents का विरोध तेज हो गया है. राधा कृष्णा पार्क में हुई बड़ी बैठक में सैकड़ों लोग जुटे और 7:30 बजे पार्क बंद करने के फैसले को कामकाजी लोगों व वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहद असुविधाजनक बताया. उनका कहना है कि यह बदलाव न सिर्फ उनकी दिनचर्या बिगाड़ रहा है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली पर भी असर डाल रहा है.

निवासियों ने बताया कि गौर सिटी में 40,000 से ज्यादा लोग रहते हैं, जबकि घूमने और व्यायाम के लिए केवल कुछ ही पार्क उपलब्ध हैं. जिनमें राधा कृष्णा पार्क, दादादादी पार्क और क्लब हाउस परिसर के पार्क शामिल हैं. ऐसे में पार्कों का जल्दी बंद होना लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है.

किस बात पर गुस्सा हैं लोग
गौरव, योगेश और अमरजीत जैसे निवासियों का कहना है कि सुरक्षा कर्मी 7:30 बजे के बाद न सिर्फ प्रवेश रोक देते हैं, बल्कि अंदर मौजूद लोगों को तुरंत बाहर निकालना भी शुरू कर देते हैं. यह स्थिति इसलिए और चिंताजनक है क्योंकि निवासी हर साल मेंटेनेंस के नाम पर करोड़ों रुपये अदा करते हैं. लोगों का कहना है कि सुविधाएं कम करना उनके अधिकारों का हनन है.

नए नियम से सब बेहाल
स्थानीय निवासी पुनीत कोहली ने बताया कि पिछले दस वर्षों से पार्क का समय सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक तय था, जो सभी के लिए सुविधाजनक था. अधिकतर कामकाजी लोग रात 8 बजे के बाद ही घर लौटते हैं, ऐसे में वे केवल रात में ही पार्क का इस्तेमाल कर पाते हैं. नए समय नियम ने उनकी दिनचर्या को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है.

पार्क के पास बढ़ रहा अतिक्रमण
अनीता प्रजापति ने कहा कि जब पार्क में इवेंट्स होते हैं तो वे देर रात 1–2 बजे तक चलते रहते हैं, उस समय कोई समय सीमा लागू नहीं होती. यदि सुरक्षा वास्तव में समस्या है, तो पहले इवेंट्स की टाइमिंग नियंत्रित की जानी चाहिए, न कि आम निवासियों के लिए पार्क का समय घटाया जाए. बैठक में पार्कों के आसपास बढ़ रहे अतिक्रमण पर भी गंभीर चिंता जताई गई और प्रबंधन से तुरंत कार्रवाई की मांग की गई.

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mritunjay baghel

मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु…और पढ़ें

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