पीएम मोदी का EV पर जोर, लेकिन सहारनपुर में फाइलों में दबी 25 ई-बसें
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Saharanpur Electric Bus News: स्मार्ट सिटी सहारनपुर में करोड़ों रुपये की लागत से बना प्रोजेक्ट अफसरों की सुस्ती और लालफीताशाही की धूल फांक रहा है. एक तरफ जहां देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदूषण से मुक्ति और पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के इस्तेमाल पर लगातार जोर दे रहे हैं, वहीं सहारनपुर की जनता सब कुछ तैयार होने के बाद भी पिछले डेढ़ साल से वातानुकूलित (AC) इलेक्ट्रॉनिक सिटी बसों के सफर के लिए तरस रही है. परिवहन निगम की लेती-लतीफी के चलते 3.5 करोड़ का आधुनिक चार्जिंग स्टेशन बनकर तैयार है, लेकिन उस पर ताला लटका हुआ है और जनता महंगे सफर के बीच राहत की हरी झंडी का इंतजार कर रही है.
Saharanpur News: सहारनपुर जिला जो कि स्मार्ट सिटी में चयनित है और इसको स्मार्ट बनाने को लेकर लगातार काम जारी है. सहारनपुर को कई साल पहले इलेक्ट्रॉनिक बसों की सौगात मिली थी, जिसको लेकर चार्जिंग स्टेशन भी तैयार हो चुका है, लेकिन साल भर से उस पर ताला लटका है. सहारनपुर के लोग लंबे समय से इलेक्ट्रॉनिक बसों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनको आज तक हरी झंडी नहीं मिल पाई. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पेट्रोल-डीजल की कमी के बीच इलेक्ट्रॉनिक वाहनों के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल पर जोर दे रहे हैं, लेकिन सहारनपुर के लोग लंबे समय से इलेक्ट्रॉनिक सिटी बसों के लिए तरस रहे हैं.
25 ई-बसों से होनी है शुरुआत, ग्रामीण इलाकों को भी जोड़ने का है प्लान
सब कुछ तैयार है लेकिन बस इंतजार है तो इलेक्ट्रॉनिक बसों का, जबकि पेट्रोल-डीजल के दाम भी बढ़ रहे हैं तो इसी बीच लोगों को एक बार फिर से इलेक्ट्रॉनिक बसों की कमी खलने लगी है. आपको बता दें कि शासन से लगभग 25 इलेक्ट्रिक बसें स्मार्ट सिटी के तहत सहारनपुर को दी जानी हैं. इस संख्या को बाद में 100 तक बढ़ाया जाएगा. ये बसें पूरी तरह वातानुकूलित होंगी और पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक साबित होंगी. दरअसल, इलेक्ट्रिक होने के कारण प्रदूषण का खतरा बहुत कम होगा.
यात्रियों की सुविधा के लिए हर 500 मीटर से 1 किलोमीटर के दायरे में बसों के स्टॉपेज बनाए जाएंगे. ये बसें शहर के साथ-साथ आस-पास के ग्रामीण इलाकों में भी चलाई जाएंगी. परिवहन निगम का बसों का रूट और किराया तय करने के बाद इन्हें रूट पर उतारने का प्लान है.
3.5 करोड़ की लागत से बना चार्जिंग स्टेशन फांक रहा धूल
चार्जिंग स्टेशन का निर्माण 3.5 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है और इसका 100% कार्य पूरा हो चुका है. और बीते डेढ़ वर्ष पूर्व 25 इलेक्ट्रिक बसें सहारनपुर को मिलने की उम्मीद लोगों को जगी थी, लेकिन करोड़ों रुपये से बना चार्जिंग स्टेशन इन दिनों धूल फांक रहा है और स्टेशन सहित सहारनपुर के लोगों को इन सिटी बसों का इंतजार आज तक है. क्योंकि अब पेट्रोल-डीजल के लगातार दाम बढ़ रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इलेक्ट्रॉनिक वाहनों पर ज्यादा जोर दिया है.
खराब सड़कें और अंतहीन इंतजार, जनता ने जताया भारी आक्रोश
सहारनपुर के लोगों संजय और सुशील का कहना है कि न तो इन सिटी बसों को चलाने के लिए सहारनपुर की सड़कें ऐसी हैं कि इन पर बसें चल सकें. दूसरा, केवल इंतजार करते-करते हम लोग थक चुके हैं, अभी भी कोई उम्मीद नहीं है कि इलेक्ट्रॉनिक बसें जल्द आएंगी. जबकि उन इलेक्ट्रॉनिक बसों का सबसे ज्यादा फायदा रोज अप-डाउन करने वाले लोगों को ज्यादा होगा. जबकि गर्मी में भी ये AC सिटी बसें यात्रियों को राहत देने के साथ ही बढ़ रहे महंगे किराए से भी उनको राहत देतीं.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें