प्राइवेट हॉस्पिटल वाले मांग रहे थे लाखों रुपये, बस्ती अस्पताल के डॉक्टरों ने बिना आईसीयू और वेंटिलेटर ऐसे बचाई महिला की जान
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Basti News in hindi today: ऑपरेशन के दौरान महिला को ढाई घंटे तक बेहोश रखना एक बड़ी चुनौती थी क्योंकि जिला अस्पताल में……
News 18
बस्ती: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बिना वेंटिलेटर और आईसीयू सुविधा के एक गरीब महिला का सफल ऑपरेशन कर इतिहास रच दिया. इस ऑपरेशन में महिला के पेट से 14 किलो का ट्यूमर निकाला गया. बिना वेंटिलेटर और आईसीयू की सुविधा के भी यह ऑपरेशन सफल रहा. इतने बड़े ऑपरेशन आमतौर पर प्राइवेट अस्पतालों में ही किए जाते हैं. वहां इनके इलाज के लिए लाखों रुपये लगते. हालांकि, बस्ती जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने अपने अनुभव और टीमवर्क के जरिए इस जटिल ऑपरेशन को भी संभव कर दिखा दिया.
बस्ती जिले के भवसिंघपुर गांव की किरन कई दिनों से पेट के असहनीय दर्द से जूझ रही थी. उसके परिजनों ने उसे लखनऊ और दिल्ली के बड़े प्राइवेट अस्पतालों में दिखाया. रिपोर्ट्स में पता चला कि उसके पेट में एक बड़ा ट्यूमर था. प्राइवेट अस्पतालों में इस ऑपरेशन का खर्च लाखों में बताया गया. इलाज का इतना महंगा खर्च एक गरीब परिवार के बजट से बाहर था. ऑपरेशन न करा पाने की वजह से महिला को असहनीय दर्द होता है. इससे उनकी चिंता और भी बढ़ गई थी, लेकिन उम्मीद की एक किरण बस्ती जिला अस्पताल में दिखाई दी. यहां के डॉक्टरों को दिखाने के बाद महिला को जीने की उम्मीद जगी.
चार डॉक्टरों के पैनल ने किया ऑपरेशन
जब महिला के परिजनों ने बस्ती जिला अस्पताल के डॉक्टर अनिल कुमार से संपर्क साधा तो उन्होंने महिला का इलाज करने के लिए चार डॉक्टरों का पैनल तैयार किया. डॉक्टर राजेश पटेल, डॉक्टर अरशद अहमद, डॉक्टर अनिल सिंह और एनस्थीसिया विशेषज्ञ डॉक्टर असलम की टीम ने महिला के ऑपरेशन की जिम्मेदारी ली. हालांकि, बस्ती जिला अस्पताल में इस तरह के बड़े ऑपरेशन के लिए सुविधाओं की कमी थी, जैसे कि वेंटिलेटर और बेहतर ओटी लेकिन, डॉक्टरों ने अपनी मेहनत और टीमवर्क से इसे संभव बना दिया.
ये थी बड़ी चुनौती
ऑपरेशन के दौरान महिला को ढाई घंटे तक बेहोश रखना एक बड़ी चुनौती थी क्योंकि जिला अस्पताल में इसके लिए बेहतर सुविधा नहीं थी. इसके बावजूद, डॉक्टरों की टीम ने बिना किसी अतिरिक्त सुविधा के ऑपरेशन को अंजाम दिया. ऑपरेशन के बाद महिला के पेट से 14 किलो का ट्यूमर बाहर निकाला गया, और ऑपरेशन पूरी तरह से सफल रहा. महिला ऑपरेशन के बाद अब पूरी तरह से स्वस्थ है.
कम खर्च में हुआ बड़ा ऑपरेशन
प्राइवेट अस्पताल जहां इस ऑपरेशन का खर्च लाखों रुपये बता रहे थे वहीं बस्ती जिला अस्पताल में इस ऑपरेशन की कुल लागत केवल 10,000 रुपये आई. इससे यह भी साबित होता है कि सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाई जाएं तो यहां के डॉक्टर लोगों को और बेहतर इलाज दे सकते हैं.
डॉक्टरों के टीम की हो रही सराहना
बस्ती जिला अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने न केवल महिला मरीज की जान बचाई, बल्कि सरकारी अस्पतालों के प्रति लोगों के विश्वास को भी काफी मजबूत किया. इस ऑपरेशन ने साबित कर दिया कि अगर इच्छा शक्ति और समर्पण हो तो कम सुविधाओं के बाद भी बड़ी से बड़ी समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है. डॉक्टरों ने इस ऑपरेशन में सरकारी दरों पर फीस जमा की और कुछ दवाओं को बाहर से मंगवाया, जो अस्पताल में उपलब्ध नहीं थीं.