फर्रुखाबाद में सजी मोदक की महफिल, पीले, कोकोनेट और मक्खन मोदक बने आकर्षण का केंद्र; इसकी सबसे ज्यादा डिमांड

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फर्रुखाबाद में सजी मोदक की महफिल, पीले, कोकोनेट और मक्खन मोदक बने आकर्षण का केंद्र; इसकी सबसे ज्यादा डिमांड


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Ganesh Chaturthi: देशभर में गणेश महोत्सव का उत्साह है और फर्रुखाबाद में मिष्ठान भंडार ने भी अपने स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली है. आधा दर्जन से अधिक प्रकार के मोदक बनाए गए है, जिनकी सुगंध और अनोखी मिठास शहर को अ…और पढ़ें

Ganesh Chaturthi 2025: जब बात विघ्नहर्ता की पूजा की हो और उनके पसंदीदा भोग का जिक्र न हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता. इन दिनों देशभर में गणेश महोत्सव मनाया जा रहा है और फर्रुखाबाद में भी गौरीपुत्र भगवान गजानन की आराधना का माहौल है. इसी को देखते हुए शहर के मिष्ठान भंडार के दुकानदारों ने विशेष तैयारियां की है. इन तैयारियों में आधा दर्जन से अधिक प्रकार के मोदक बनाए गए है, जिन्हें भक्त अपने आराध्य प्रभु के भोग के लिए खरीद रहे है. इनमें पीले रंग के मोदक विशेष रूप से प्रिय माने जा रहे है.

देशभर में गणेश महोत्सव का उत्साह है और फर्रुखाबाद में मिष्ठान भंडार ने भी अपने स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली है. आधा दर्जन से अधिक प्रकार के मोदक बनाए गए है, जिनकी सुगंध और अनोखी मिठास शहर को अलग पहचान देती है. यहां के मोदक में काजू को पीसकर प्रयोग किया जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी लाजवाब हो जाता है. जिले में कई तरह की मिठाई मिलती है, लेकिन मोदक अपनी खास मिठास और खुशबू के कारण अलग पहचान रखते है.

मोदक की खासियत
इस मोदक को तैयार करने में केवल तीन प्रमुख चीजों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे इसका स्वाद लाजवाब बनता है. दुकानदार बताते है कि सबसे पहले अच्छी गुणवत्ता का शुद्ध दूध का मावा तैयार किया जाता है. इसके बाद इसमें शक्कर और इलायची डालकर मोदक का मिश्रण तैयार किया जाता है.

कोकोनेट वाले मोदक
फर्रुखाबाद में डिमांड के अनुसार कोकोनेट मोदक भी बनाए जाते है. दुकानदार बताते है कि इसमें खोया और शुद्ध दूध के साथ कई प्रकार के मेवों का मिश्रण तैयार किया जाता है. इसे कढ़ाई में हल्की चीनी और मावा के साथ गर्म किया जाता है और फिर पात्र की सहायता से गोल आकार दिया जाता है. ठंडा होने के बाद इसे मोदक का रूप दिया जाता है.

मक्खन मोदक
गणेश महोत्सव में गौरीपुत्र भगवान गजानन के भोग के लिए मक्खन मोदक भी तैयार किए गए है. यह मोदक अत्यधिक मात्रा में मक्खन से बनाए जाते है, जिससे इसका स्वाद मक्खन जैसा होता है. हल्के सफेद रंग के यह मोदक भक्तों में बेहद लोकप्रिय है.

दूध निर्मित मोदक
लोकल18 से बात करते हुए दुकानदार अमन चौरसिया बताते है कि मोदक बनाने के लिए शुद्ध दूध और बेसन के साथ देशी घी का तरल मिश्रण जरूरी है. बड़ी कढ़ाई में बेसन की बूंदी और मिश्रण को अत्यधिक गर्म तेल में डालकर पकाया जाता है. पिस्ता और अन्य मेवों के मिश्रण से सजाकर मोदक तैयार किया जाता है. इस तरह के मोदक बनाने के लिए शुद्ध दूध से मावा तैयार किया जाता है और बेहद सफाई के साथ मिठाइयां बनाई जाती है. मिठाई की शुद्धता ही इसकी प्रसिद्धि का राज है. प्राकृतिक रूप से मोदक का स्वाद बढ़ जाता है. वर्तमान में शहर के मिष्ठान भंडार में मोदक 250 रुपए प्रति किलो की दर से उपलब्ध है. शहर के कोने-कोने से लोग मोदक की खरीदारी के लिए पहुंच रहे है.

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फर्रुखाबाद में सजी मोदक की महफिल, पीले, कोकोनेट और मक्खन मोदक आकर्षण का केंद्र



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