बजारों में पहुंचते ही बिक जाती है ये फसल, किसानों के जीवन में घोल देगी मिठास

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बजारों में पहुंचते ही बिक जाती है ये फसल, किसानों के जीवन में घोल देगी मिठास


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Agriculture News: किसान सर्वेश ने बताया कि उन्होंने अपने खेत में खरबूजा की खेती जब से शुरू की है. तब से एक महीनों में ही पचास से सत्तर हजार रुपए की कमाई हो रही है. उनके पास एक बीघा है उसी में नगदी वाली फसलों से…और पढ़ें

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मिठास से भरपूर खरबूजा

तरबूज और खरबूजा की बंपर पैदावार होने के कारण इनके दामों में गिरावट हुई. इससे लोग इन फलों का जमकर मजा ले रहे हैं. इन दिनों बाजार में आवक बढ़ने से 50 रुपये वाला तरबूज 10 रुपये में मिल रहा है. वहीं 70 रुपये किलो बिकने वाला खरबूजा 20 रुपये किलो मिलने लगा है. किसान ने बताया कि उनके पास अधिक भूमि नहीं थी. इसीलिए उसी पर कम समय और न्यूनतम लागत में तैयार होने वाली फसलों को उगाना शुरू किया. धीरे धीरे बदलते समय के साथ उन्होंने जैविक खाद का प्रयोग करके फसलों को तैयार करने लगे. आज मात्र दो सौ रुपए का बीज खरीदकर. उसी फसल से हजारों रुपए की कमाई कर रहे हैं.

लोकल 18 को सर्वेश ने बताया कि उन्होंने अपने खेत में खरबूजा की खेती जब से शुरू की है. तब से एक महीनों में ही पचास से सत्तर हजार रुपए की कमाई हो रही है. उनके पास एक बीघा है उसी में नगदी वाली फसलों से वह कमाई कर लेते हैं. इस फसल से सबसे बड़ा फायदा है. इसमें रोग भी कम लगता है. उनके खेतों में उर्वरक शक्ति भी बढ़ती है. इसके साथ ही जमीन भी उपजाऊ बनी रहती है. वही जिस प्रकार उनको फसल तैयार होने पर बाजार ले जाने की भी कोई चिंता नहीं है. क्योंकि इस समय पर खेत में खरबूजा की फसल तैयार हुई है. जिसे वह क्षेत्र में ही बिक्री कर देते है. ऐसे समय पर खरबूजा की जमकर बिक्री हो रही है.

बंपर आमदनी भी हो गई
मुख्य रूप से स्थानीय स्तर पर खरबूजा की बिक्री इतनी अधिक हो रही की जिले के खरीददार खेत से फसल को खरीद लेते है. अब अन्य जिलों से भी डिमांड आ रही है. खरबूजा के फलों की बिक्री करने के साथ ही इसके बीजों का भी मेवा के रूप में प्रयोग होता है. जिससे इस समय एक महीने में ही 60000 हजार रुपए की बंपर आमदनी भी हो गई. इनका कहना है कि जरूरी नही की अधिक भूमि ही हो जितनी भी हो उसी में अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है.

डबल फसल तैयार करने का क्या है तरीका
किसान ने बताया कि उनको एक साथ कई फसलों को तैयार करने का तरीका कम भूमि होने के कारण आया ऐसे समय पर वह लगातार नगदी वाली फसल उगा कर कमाई कर रहे है. खेत में प्रति पौधा एक मीटर की दूरी पर रोप देते है. जब पौधा बढ़ा हो जाता है तब बीच की भूमि पर समय से सिंचाई करते रहते है. इस समय वह खरबूजा की बिक्री कर रहे है. जब फसल खत्म हो जाती हैं तो पौधों की जैविक खाद बनाकर प्रयोग करते हैं.

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