बीवी और ससुरालियों से परेशान 183 पति पहुंचे पुलिस के पास.. हरकतें सुन पुलिसवालों ने भी पकड़ लिया माथा
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Ghaziabad News: अपनी-अपनी पत्नी से परेशान 183 पति परिवार परामर्श केंद्र पहुंचे और न्याय की गुहार लगा है. पतियों का कहना है उनकी पत्नियां उनके साथ मारपीट करने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकियां देती है.
पतियों ने अपनी पत्नियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.गाजियाबाद के परिवार परामर्श केंद्र पहुंचे पतियों ने अपनी पत्नियों पर धमकाने-मारपीट करने और झूठे मुकदमे में फंसाने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए है. पीड़ित पतियों की शिकायतें सुनकर पुलिसकर्मियों ने भी अपना सिर पकड़ लिया. आपको बता दें कि अक्सर पत्नियां अपने पति पर दहेज उत्पीड़न और मारपीट के मुकदमें दर्ज कराती थी. लेकिन, अब पतियों ने अपनी पत्नियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
ऐसा ही एक और मामला साहिबाबाद से सामने आया है. यहां एक शख्स ने बताया कि उसकी शादी साल 2011 में हुई थी. उसकी पत्नी पिछले करीब डेढ़ साल से मायके में रह रही है. उनके दो बच्चे है, लेकिन पत्नी संयुक्त परिवार में रहने से मना करती है. इतना ही नहीं, पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि जब वह अपनी पत्नी को समझाने की कोशिश करता है तो वह उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट करती है. परिवार परामर्श केंद्र पहुंचे शख्स ने बताया कि उसकी पत्नी मार्च 2024 से बच्चों और परिवार को छोड़कर मायके में रह रही है. तलाक नहीं देने पर जान से मरवाने की धमकी देती है.
कुछ समय बाद उसने अपने भाइयों को बुलाया और मायके चली गई. वहीं, इस बारे में पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड़ बताया कि पुरुष उत्पीड़न की पिछले चार महीनों ने 183 शिकायते प्राप्त हुई है. यह सभी अपनी पत्नी और ससुरालियों से पीड़ित है, जिन्होंने न्याय की गुहार लगाई है. उन्होंने बताया कि इन सभी मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं. साथ ही, सभी मामलों को परिवार परामर्श केंद्र भेजा गया है और काउंसलिंग करने को कहा है.

राहुल गोयल सीनियर पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया 16 साल से ज्यादा का अनुभव है. साल 2011 में पत्रकारिता का सफर शुरू किया. नवभारत टाइम्स, वॉयस ऑफ लखनऊ, दैनिक भास्कर, पत्रिका जैसे संस्थानों में काम करने का अनुभव. सा…और पढ़ें
राहुल गोयल सीनियर पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया 16 साल से ज्यादा का अनुभव है. साल 2011 में पत्रकारिता का सफर शुरू किया. नवभारत टाइम्स, वॉयस ऑफ लखनऊ, दैनिक भास्कर, पत्रिका जैसे संस्थानों में काम करने का अनुभव. सा… और पढ़ें