मिर्जापुर में गंगा का रौद्र रूप, 100 बीघा फसल जलमग्न, त्राहिमाम कर रहे लोग

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मिर्जापुर में गंगा का रौद्र रूप, 100 बीघा फसल जलमग्न, त्राहिमाम कर रहे लोग


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Mirzapur Latest News: मिर्जापुर जिले में गंगा का पानी 75 मीटर पहुंच गया है. वार्निंग 76.724 मीटर से एक मीटर गंगा नीचे हैं. वहीं, खतरे का निशान 77.724 से दो मीटर नीचे गंगा बह रही है. गंगा का पानी बढ़ने के बाद सबस…और पढ़ें

हाइलाइट्स

  • तीन दिनों से पानी ज्यादा बढ़ रहा है.
  • गंगा का पानी 75 मीटर पहुंच गया.
  • वार्निंग से एक मीटर गंगा नीचे है.
मिर्जापुर : उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में गंगा के रौद्र रूप में आने के बाद अब पानी खेतों तक पहुंच गया है. मिर्जापुर जिले में लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। ऐसे में बाढ़ का पानी खेतों में पहुंच गया है. पानी बढ़ने की रफ्तार इसी तरह जारी रहा तो कुछ ही समय बाद यह रिहायशी इलाकों में भी पहुंचना शुरू हो जाएगा.

मिर्जापुर जिले में गंगा का जलस्तर करीब 10 दिनों पहले बढ़ना शुरू हुआ था. हालांकि, बीच में एक दिन के लिए गंगा का जलस्तर कम हुआ था, लेकिन फिर गंगा के जलस्तर ने रफ्तार पकड़ लिया. खेतों में पानी पहुंचने से सैकड़ो बीघा फसल जलमग्न हो गई है. प्रशासन के द्वारा लगातार एहतियात बरतने के निर्देश के साथ ही तटवर्ती इलाकों में भी लगातार निगरानी की जा रही है.

रफ्तार थोड़ा कम हुआ
मिर्जापुर जिले में गंगा का जलस्तर आधा सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है. गंगा का पानी खेतों में पहुंचने के बाद रफ्तार थोड़ा सा काम हुआ है. मिर्जापुर जिले में गंगा का पानी 75 मीटर पहुंच गया है. वार्निंग 76.724 मीटर से एक मीटर गंगा नीचे है. वहीं, खतरे का निशान 77.724 से दो मीटर नीचे गंगा बह रही है.

खेतों हुए जलमग्न
गंगा का पानी बढ़ने के बाद सबसे ज्यादा प्रभावित कोन विकास खंड होता है. कोन विकास खंड के हरसिंगपुर, मवैया, लखनपुर आदि गांव में पानी खेतों को जलमग्न कर दिया है. रफ्तार ऐसे ही जारी रहा तो पानी रिहायशी इलाकों में पहुंच जाएगा.

फसलें हुए खराब
विजय शंकर यादव ने बताया कि तीन दिनों से पानी ज्यादा बढ़ रहा है. पानी बढ़ने की वजह से खेती प्रभावित हो रही है. फसलें जलमग्न हो गई है. ऐसे ही रफ्तार जारी रहा तो सारी फसलें डूब जाएगी. किसानों को बाढ़ में सबसे ज्यादा नुकसान होता है. अगर पानी और बढ़ गया तो यह घरों तक पहुंच सकता है. सरजू ने बताया कि पानी बढ़ने के बाद मक्का, चरी, बैंगन, मिर्च आदि फसलें खराब हो गई है. पिछले वर्ष तक पानी यहां तक पहुंच गया था. अगर पानी बढ़ेगा तो ज्यादा नुकसान होगा.

Manish Rai

काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. डिजिटल में 6 साल से ज्यादा का अन…और पढ़ें

काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. डिजिटल में 6 साल से ज्यादा का अन… और पढ़ें

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