मोबाइल गेमिंग की लत से बढ़ रहा युवाओं का ब्लड प्रेशर, ब्रेन हेमरेज के साथ जान जाने का भी बढ़ रहा खतरा

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मोबाइल गेमिंग की लत से बढ़ रहा युवाओं का ब्लड प्रेशर, ब्रेन हेमरेज के साथ जान जाने का भी बढ़ रहा खतरा


मेरठ: वर्तमान समय में गेमिंग के प्रति युवाओं में जुनून काफी बढ़ता जा रहा है जो कहीं ना कहीं उनके जीवन के लिए भी घातक साबित हो रहा है. बात चाहे गाजियाबाद की तीन सगी बहनों की की जाए या फिर मेरठ के रहने वाले युवा की जाए. ऐसे सवाल उठने लगा है कि क्या मोबाइल गेमिंग की लत युवाओं के जीवन पर भारी पड़ रही है. इन्हीं बातों को देखते हुए लोकल 18 की टीम द्वारा भी लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में संचालित न्यूरोलॉजी डिपार्टमेंट की हेड ऑफ डिपार्टमेंट डॉक्टर दीपिका सागर से खास बातचीत की.

तनाव से बढ़ रहा है युवाओं में बीपी

लोकल -18 की टीम से खास बातचीत करते हुए डॉक्टर दीपिका सागर ने बताया कि वर्तमान समय में जिस तरह से युवा विभिन्न प्रकार के गेमिंग में ज्यादा समय बिताते हैं. गेम में जीतने की ललक के कारण वह तनाव से भी ग्रस्त हो जाते हैं. इस दौरान सामान्य रूप से उनका ब्लड प्रेशर काफी बढ़ जाता है. उन्होंने बताया कि खासतौर पर जो युवा पहले से ही ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं, उनके लिए है यह जानलेवा भी साबित हो जाता है, क्योंकि इस दौरान ब्रेन हेमरेज के साथ विभिन्न प्रकार की गंभीर बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है.

उन्होंने बताया कि हालांकि अभी तक कोई डायरेक्ट रूप से तो इस तरह की कोई रिसर्च नहीं आई है. लेकिन इनडायरेक्ट बात की जाए तो मोबाइल की स्क्रीनिंग और तनाव लोगों की जीवन के लिए काफी घातक बन रहा है. क्योंकि वह इसे अपने कंट्रोल में नहीं रहते हैं.

नियमित रूप से नींद है काफी जरूरी 

उन्होंने बताया कि प्रकृति द्वारा हमारे जो दिनचर्या निर्धारित की गई है वह हमारे जीवन के लिए काफी उपयोगी है, लेकिन वर्तमान समय में प्रत्येक व्यक्ति अब मोबाइल स्क्रीनिंग पर ज्यादा समय बिताने लगे हैं. इससे जो हमारी दिनचर्या है उसमें मोबाइल की दखल अधिक हो गई है. ऐसे में जो निर्धारित 8 घंटे की नींद हमारे मस्तिष्क के लिए काफी महत्वपूर्ण होती है. उससे हमारा तनाव का स्तर बढ़ता है, उसका सीधा प्रभाव हमारे मस्तिष्क पर देखने को मिल रहा है. ऐसे उन्होंने कहा कि समय-समय पर लोगों को अपने ब्लड प्रेशर की भी जांच करते रहना चाहिए, क्योंकि अगर ब्लड प्रेशर अधिक रहता है तो उसे मनुष्य के जीवन पर खतरा बढ़ने की संभावना प्रबल हो जाती है.

मोबाइल है घातक

बताते चलें  कि नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डा. सुमित उपाध्याय बताते हैं कि वर्तमान समय में मोबाइल के प्रति आकर्षण लोगों के लिए घातक है. उन्होंने बताया कि जब एक डॉक्टर किसी भी मरीज का ऑपरेशन करने के लिए जाता है. तब उसका पल-पल बीपी बदलता रहता है, क्योंकि उसे मरीज की जान बचाने के उसके लिए काफी अहम होता है. इसी तरह जब युवा गेमिंग के प्रति जीतने की चाहत रखते हैं, तो उससे उनका जो ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है. इसीलिए सभी युवाओं को मोबाइल से दूरी बनानी चाहिए. आवश्यक काम हो जब इसका उपयोग करें, क्योंकि कहीं ना कहीं यह हमें अपने अंदर ही जकड़ रहा है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी घातक है.



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