रसीला, मीठा और खुशबूदार होता है ‘चौसा’ आम, जानिए कैसे पड़ा इसका नाम
Last Updated:
आम का सीजन शुरू हो गया है. ऐसे में मार्केट में अब अलग-अलग वैरायटी के आम देखने को मिल जाएंगे. तो वही अलग-अलग नाम के आम भी मार्केट में देखने को मिल जाएंगे. उन्ही में से एक चौसा आम है. जो देखने और खाने दोनों में बहुत लाजवाब होता है. इसकी सुगंध बहुत अच्छी होती है. इस आम में भरपूर मात्रा में गुदा पाया जाता है
आम का सीजन शुरू हो गया है. ऐसे में बाजार में अब अलग-अलग वैरायटी के आम देखने को मिल रहे हैं. वहीं, अलग-अलग नामों के आम भी उपलब्ध हैं. उन्हीं में से एक है चौसा आम, जो देखने और खाने दोनों में बहुत लाजवाब होता है. इसकी सुगंध बेहद अच्छी होती है और इसमें भरपूर मात्रा में गूदा पाया जाता है. आम के शौकीनों की यह पहली पसंद माना जाता है.
बहुत खास होता है यह आम
मुरादाबाद के कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदी रत्ता ने बताया कि चौसा आम का नाम बिहार के चौसा नामक स्थान से जुड़ा हुआ है. यह आम बिहार में अधिक पाया जाता है. चौसा नाम के स्थान पर ही इसे पहली बार उगाया गया था, इसलिए इसका नाम चौसा आम पड़ा. इसका स्वाद बहुत मीठा होता है और इसकी फसल अन्य आमों के मुकाबले देर से आती है. इसी कारण बाजार में इसकी मांग अधिक रहती है. किसान यदि इसकी खेती करते हैं, तो उन्हें अच्छी पैदावार मिलती है और देर से आने के कारण यह आम महंगे दामों पर बिकता है.
चौसा नाम की उत्पत्ति
मुख्य रूप से बिहार के चौसा नामक स्थान के कारण ही इसे चौसा आम कहा जाता है. शुरुआत में यह आम केवल बिहार में पाया जाता था, लेकिन अब इसकी खेती उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों राज्यों में होने लगी है. उत्तर प्रदेश में भी इसकी अच्छी-खासी पैदावार होती है.
यह आम की ऐसी किस्म है, जिसकी फसल देर से तैयार होती है. जब दशहरी और लंगड़ा आम का सीजन समाप्त हो जाता है, तब चौसा आम बाजार में आता है. इस दौरान इसकी मांग अधिक होने के कारण किसानों को अच्छे दाम मिलते हैं और अच्छा मुनाफा होता है. इसलिए जो किसान आम की खेती करना चाहते हैं, उनके लिए चौसा आम एक बेहतर विकल्प हो सकता है. इसके अलावा, यह आम स्वाद में भी बेहद लाजवाब होता है.
About the Author
विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें