‘वेरी शॉकिंग.. लग रहा है जैसे सपनों पर पानी फिर गया..’ कोचिंग सेंटर में छात्र हुए भावुक
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NEET UF 2026 Exam Cancelled Students Reaction : कोचिंग सेंटर में मौजूद कई छात्र दोबारा परीक्षा की तैयारी को लेकर भी चिंतित नजर आए. उनका कहना है कि अब उन्हें फिर से उसी रफ्तार से पढ़ाई करनी होगी, जबकि मानसिक रूप से वे पहले ही थक चुके हैं. छात्रों के मुताबिक, ‘दो-दो साल की तैयारी के बाद जब पेपर रद्द होता है तो लगता है कि सारी मेहनत बेकार चली गई.
नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने पर क्या बोले छात्र..
मेरठ : नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने की खबर ने देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों को झकझोर दिया है. परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के बाद केंद्र सरकार ने जहां सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं, वहीं दूसरी ओर कोचिंग संस्थानों और छात्रों के बीच गहरी नाराजगी और निराशा देखने को मिल रही है. सबसे ज्यादा दर्द उन छात्रों में दिखाई दे रहा है जिन्होंने महीनों नहीं, बल्कि कई-कई सालों तक दिन-रात मेहनत कर इस परीक्षा की तैयारी की थी. कोचिंग सेंटरों में बैठे छात्र खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. परीक्षा रद्द होने की खबर सुनते ही कई छात्रों के चेहरे पर मायूसी साफ नजर आई. न्यूज18 ने मेरठ में एक कोचिंग सेंटर पर जाकर छात्रों से इस बारे में बातचीत की, आइये जानते हैं उनका क्या कहना है..
परीक्षा की अनिश्चितता मानसिक रूप से तोड़ रही है
एक छात्र का कहना था कि ‘वेरी शॉकिंग… हमें तो यकीन ही नहीं हो रहा कि इतना बड़ा एग्जाम रद्द हो गया. हम लोगों ने पूरी मेहनत की थी. परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने अपनी नींद, आराम और सामाजिक जीवन तक छोड़ दिया था, लेकिन अब दोबारा परीक्षा की अनिश्चितता उन्हें मानसिक रूप से तोड़ रही है.’
एक अन्य छात्रा ने भावुक होकर कहा, ‘हम पूरी रात जागकर तैयारी करते हैं. एग्जाम देने के बाद लगा था कि इस बार शायद सेलेक्शन हो जाएगा. पेपर भी अच्छा गया था, लेकिन अब जब सुनने को मिला कि पेपर रद्द हो गया तो ऐसा लग रहा है जैसे सपनों पर पानी फिर गया.’ छात्रा ने कहा कि ‘अब फिर से उसी मानसिक दबाव के साथ तैयारी शुरू करनी पड़ेगी.’
‘परीक्षा रद्द होने से सिर्फ छात्र नहीं, पूरा परिवार टूट जाता है’
छात्रों का कहना है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा केवल एक एग्जाम नहीं होती, बल्कि पूरे परिवार की उम्मीदों से जुड़ी होती है. एक छात्रा ने कहा, ‘जब कोई बच्चा तैयारी करता है तो सिर्फ वही मेहनत नहीं करता, उसके माता-पिता, टीचर्स और पूरा परिवार उसके साथ खड़ा रहता है. ऐसे में पेपर लीक होने और परीक्षा रद्द होने से सिर्फ छात्र नहीं, पूरा परिवार टूट जाता है.’
कोचिंग संस्थान के शिक्षकों ने भी इस पूरे मामले पर गंभीर चिंता जताई है. शिक्षक ने कहा कि करीब 22 लाख छात्र मानसिक दबाव से गुजर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बच्चे 3 मई की परीक्षा के लिए महीनों से तैयारी कर रहे थे. उन्हें यही भरोसा था कि मेहनत का परिणाम मिलेगा, लेकिन अगर पेपर पहले ही लीक हो जाए तो यह पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है.’
शिक्षक ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि बार-बार पेपर लीक होना बेहद चिंताजनक है और अब एक फुलप्रूफ सिस्टम बनाने की जरूरत है. उन्होंने यह भी कहा कि पेपर का स्तर और कटऑफ भी छात्रों पर अतिरिक्त दबाव बना रहा है. जब 720 में 720 अंक आने लगते हैं तो सामान्य छात्र खुद को पीछे महसूस करने लगता है. ऊपर से पेपर लीक जैसी घटनाएं छात्रों का मनोबल तोड़ देती हैं.
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Sandeep Kumar | Senior Assistant Editor, News18 Hindi…
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