हांडी मटन बनाम सिंधी तड़का, गोरखपुर में मटन-चिकन प्रेमियों की दिलचस्प पसंद
Last Updated:
गोरखपुर में चिकन और मटन का जादू हर किसी को दीवाना बना देता है. सावन खत्म होते ही शहर की गलियां मांसाहारी व्यंजनों की खुशबू से महक उठती हैं और होटल-रेस्टोरेंट्स में भीड़ उमड़ पड़ती है. दिलचस्प बात यह है कि स्वाद…और पढ़ें
गोरखपुर में हांडी मटन का ज़िक्र आते ही अदालत रेस्टोरेंट का नाम सबसे पहले लिया जाता है. यहां मटन को खास मसालों के साथ पारंपरिक हांडी में धीमी आंच पर पकाया जाता है. मसालों में घुला यह मुलायम मटन जब परोसा जाता है तो उसका गहरा स्वाद ग्राहकों को बार-बार खींच लाता है. यहां आने वाले लोग अक्सर कहते हैं कि अदालत का हांडी मटन खाने के बाद बाकी व्यंजन फीके लगने लगते हैं.
वहीं, गोरखपुर के रेती क्षेत्र में स्थित एक सिंधी होटल भी मटन-चिकन प्रेमियों के बीच उतना ही मशहूर है. होटल के मालिक प्रीतम दास आहूजा बताते हैं कि यह रेसिपी उनके पिता ने सालों पहले तैयार की थी, जिसे आज भी उसी अंदाज़ में बनाया जाता है. सिंधी स्टाइल में मटन और चिकन को धीमी आंच पर भट्टी में पकाया जाता है, जिससे हर टुकड़े में मसाले का स्वाद गहराई तक उतर जाता है और उसका रंग-रूप बेहद आकर्षक हो जाता है.
स्वाद की जंग
सावन के बाद शहर में मांसाहारी व्यंजन का स्वाद लेने वालों की पसंद अलग-अलग है. कुछ लोग अदालत के हांडी मटन को ‘स्वाद का बादशाह’ कहते हैं, तो कुछ के लिए रेती का सिंधी तड़का ही “असली मज़ा” देता है. दोनों ही व्यंजन अपने-अपने अंदाज़ और इतिहास की वजह से खास हैं. यही कारण है कि गोरखपुर में चिकन-मटन प्रेमियों की यह बहस कभी खत्म नहीं होती. गोरखपुर का हांडी मटन और सिंधी तड़का स्वाद के मामले में किसी बड़े शहर को टक्कर देते हैं. यहां का हर निवाला न सिर्फ पेट भरता है बल्कि लंबे समय तक याद भी रह जाता है.