अखिलेश को क्यों सताती है टोटी की याद? अवनीश अवस्थी को कभी नहीं भूल पाएंगे
क्या है पूरा मामला?
अखिलेश ने इस आरोप को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे बीजेपी की साजिश बताया. उन्होंने तत्कालीन मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी और उनके ओएसडी अभिषेक कौशिक पर इस मामले को गलत तरीके से उछालने और उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया. अखिलेश का कहना है कि बीजेपी ने इस मुद्दे को उनके खिलाफ राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया और उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश की. इस कांड ने अखिलेश को खूब आहत किया, जिसकी वजह से वह बार-बार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं.
अखिलेश ने फिर बोला तीखा हमला
उन्होंने अवनीश अवस्थी का नाम लेते हुए कहा कि इस कांड के पीछे उनकी अहम भूमिका थी. अखिलेश ने दावा किया कि बीजेपी ने इस मुद्दे को जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया ताकि उनकी और सपा की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके. उन्होंने यह भी कहा कि वह जन्माष्टमी के दिन से बीजेपी सरकार के जाने की उलटी गिनती शुरू कर चुके हैं और अब केवल 493 दिन बचे हैं.
अवनीश अवस्थी और अभिषेक कौशिक पर क्यों निशाना?
राजनीतिक रणनीति या व्यक्तिगत आक्रोश?
अखिलेश का इस मुद्दे को बार-बार उठाना केवल व्यक्तिगत आक्रोश नहीं, बल्कि एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति भी मानी जा रही है. 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए, अखिलेश बीजेपी सरकार पर हमलावर रुख अपनाए हुए हैं. टोटी चोरी कांड को उठाकर वह बीजेपी को यह याद दिलाना चाहते हैं कि वह पुरानी रंजिशें नहीं भूले हैं और जनता के सामने बीजेपी की कथित साजिशों को उजागर करेंगे. साथ ही, यह मुद्दा सपा समर्थकों को एकजुट करने का भी एक जरिया बन गया है, जो बीजेपी के शासन को ‘अपमानजनक’ और ‘साजिशकारी’ मानते हैं.
‘टोटी चोरी’ कांड अखिलेश यादव के लिए केवल एक प्रशासनिक विवाद नहीं, बल्कि व्यक्तिगत अपमान और बीजेपी की कथित साजिश का प्रतीक है. अवनीश अवस्थी और अभिषेक कौशिक का नाम बार-बार लेना उनके इस दर्द को दर्शाता है, जो सियासी और निजी दोनों स्तरों पर गहरा है. जैसे-जैसे 2027 का चुनाव नजदीक आ रहा है, अखिलेश इस मुद्दे को बीजेपी के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. यह मामला उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गया है, और यह देखना बाकी है कि यह सियासी जंग को और कितना तीखा करेगा.