अधिक लागत से नहीं होगी बंपर पैदावार, खर्च करें सिर्फ 102 रुपए, फिर देखें नजारा
Last Updated:
Soil Testing Benefits : जो भी किसान डबल आय का सपना देख रहे हैं और चाहते हैं कि खेती में लागत भी कम लगे. ऐसे किसान भाई अपने खेत की मिट्टी की जांच एक बार जरूर करा लें. इसके कई फायदे हैं.
मिट्टी की जांच करते अधिकारी
हाइलाइट्स
- 102 रुपए में मिट्टी की 12 प्रकार की जांच की जाती है.
- मिट्टी की जांच से कम लागत में बंपर पैदावार होगी.
- अपने जिला कृषि लैब में मिट्टी की जांच कराई जा सकती है.
Soil testing ke fayde/मेरठ. अक्सर रोगों के बारे में सटीक जानकारी के लिए डॉक्टर मरीजों को जांच लिख देते हैं ताकि सही और सटीक उपचार किया जा सके. इसी क्रम में, कृषि क्षेत्र में भी अब मिट्टी की जांच जरूरी हो गई है. इसके तहत एक्सपर्ट खेतों की मिट्टी की पूरी कुंडली खोलते हैं. इसका फायदा ये होता है कि किसान भाई अपनी मिट्टी की कमियों को दूर करके कम लागत में बंपर पैदावार हासिल कर सकते हैं. लोकल 18 से बात करते हुए मेरठ के जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार सिंह कहते हैं कि अगर किसान मिट्टी की जांच करा लें तो फसल को काफी लाभ होता है. केंद्र सरकार किसानों को मुद्रा हेल्थ कार्ड जारी कर रही है. इसमें किसान की ओर से उपलब्ध कराई गई खेत की मिट्टी के हर पहलू पर 12 तरह की जांच की जाती है. इसमें हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, कार्बन, नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, सल्फर, क्लोराइड, लोहा, बोरान, मैंगनीज, जस्ता, तांबा और मोलिब्डेन की जांचें शामिल हैं. इसके लिए किसानों को सिर्फ 102 रुपए खर्च करने होंगे.
हर फसल में कामगर
जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार सिंह के अनुसार, किसान जब मिट्टी की जांच करा लेते हैं, तो वो अपनी फसल के हिसाब से आगे का काम करते हैं. जैसे उस फसल के अनुसार खेत में कितनी सिंचाई होनी चाहिए, बुवाई के समय कितने बीज का उपयोग करें और कौन सी खाद डालें आदि. संबंधित कार्ड पर हर प्रकार की सटीक जानकारी उपलब्ध कराई जाती है. किसान इसकी मदद से कम लागत में अधिक पैदावार हासिल कर सकते हैं.
यहां कराएं जांच
अगर आप भी अपने खेत की मिट्टी की जांच कराना चाहते हैं तो उसके लिए जुताई के वक्त 6 इंच नीचे की मिट्टी को एक पिन्नी में भरकर संबंधित ब्लॉक, तहसील और जिला कृषि लैब में उपलब्ध करा दें. यहां से जांच कर आपको पूरा विवरण उपलब्ध कराया जाएगा. उसके बाद ही नई फसल की बुवाई करें तो निश्चित तौर पर बंपर पैदावार होगी.