अमरूद की ये 3 किस्में किसानों को बना देंगी मालामाल! एक पेड़ देगा 80-100 किलो तक पैदावार
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Guava Farming Tips: अगर किसान अमरूद की खेती सही तरीके और उन्नत किस्मों के साथ करें तो कम मेहनत में भी बंपर उत्पादन और अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक सही दूरी, समय पर पौधारोपण और बेहतर खाद प्रबंधन से एक हेक्टेयर में 200 क्विंटल तक अमरूद की पैदावार ली जा सकती है. खास बात यह है कि लखनऊ-49, इलाहाबादी सफेदा और श्वेता जैसी किस्में किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रही हैं.
आजमगढ़ में किसान बड़े स्तर पर आम और अमरूद की खेती करते हैं. जो किसान बागवानी से अच्छा मुनाफा कमाना चाहते हैं, उनके लिए सही समय पर सही किस्म का चुनाव करना बहुत जरूरी होता है. अगर किसान अच्छी किस्म लगाते हैं तो उन्हें ज्यादा पैदावार मिलती है और देखभाल में भी ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती.

अगर आप भी आम या अमरूद की खेती करके अच्छा फायदा कमाना चाहते हैं, तो अमरूद की कुछ उन्नत किस्में आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती हैं. सही तरीके से खेती करने और पौधों की देखभाल करने पर किसान कम खर्च में भी कई गुना ज्यादा उत्पादन हासिल कर सकते हैं.

अमरूद के पौधे लगाने का सबसे अच्छा समय जून का महीना माना जाता है. अगर किसान समय पर सिंचाई और सही देखभाल करें तो एक तैयार पौधे से करीब 70 से 80 किलो तक अमरूद मिल सकता है. इस हिसाब से एक हेक्टेयर में लगभग 200 क्विंटल तक उत्पादन लिया जा सकता है.
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अमरूद की खेती में सही किस्म का चुनाव बहुत जरूरी होता है. अच्छी किस्म के पौधे लगाने से उत्पादन भी ज्यादा मिलता है और बाजार में अच्छी कीमत भी मिलती है. अमरूद की उन्नत किस्मों में लखनऊ-49, इलाहाबादी सफेदा और श्वेता किसानों के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती हैं.

कृषि विशेषज्ञ डॉ. विमल बताते हैं कि अमरूद के पौधे लगाने से पहले खेत को अच्छी तरह तैयार करना जरूरी होता है. पौधारोपण से पहले करीब 7 सेंटीमीटर गहरा और चौड़ा गड्ढा बनाना चाहिए. साथ ही हर गड्ढे के बीच सही दूरी रखना भी जरूरी है. एक गड्ढे से दूसरे गड्ढे के बीच लगभग 6 मीटर की दूरी होनी चाहिए, ताकि पौधों को बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके.

गड्ढा तैयार होने के बाद उसमें अच्छी खाद डालना जरूरी होता है. इसके लिए करीब 30 किलो सड़ी हुई गोबर की खाद, 2 किलो सिंगल सुपर फास्फेट, 1 किलो पोटाश और 10 ग्राम थाइमेट मिलाकर गड्ढे में अच्छी तरह भर देना चाहिए. इससे मिट्टी उपजाऊ बनती है और पौधों की बढ़वार अच्छी होती है.

खाद डालने के करीब 25 दिन बाद पौधे लगाने चाहिए. पौधे से पौधे के बीच लगभग 3×2 मीटर की दूरी रखना बेहतर माना जाता है. इस तरीके से एक हेक्टेयर खेत में करीब 1600 पौधे आसानी से लगाए जा सकते हैं.

अगर किसान इन किस्मों की सही तरीके से देखभाल करें तो करीब 200 ग्राम तक वजन वाले अमरूद का उत्पादन मिल सकता है. इन अमरूदों का अंदरूनी हिस्सा हल्के गुलाबी रंग का होता है और स्वाद भी काफी अच्छा होता है. यही वजह है कि बाजार में इनकी मांग ज्यादा रहती है और किसान इससे अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.