आर्मी और पुलिस में हुए असफल, फिर शुरू की खेती… अब सालाना कमा रहे 25 लाख
Last Updated:
Vegetable farming: सिगनखेड़ा हसमतगंज गांव के रहने वाले 23 साल के विपिन सैनी आज गांव के युवाओं के लिए मिसाल बन चुके हैं. विपिन ने कभी सोचा नहीं था कि जो खेत उनके बुजुर्ग जोतते थे, वही एक दिन उनकी किस्मत भी बदल देंगे. विपिन ने शुरुआती पढ़ाई गांव के स्कूल से की और इंटर की पढ़ाई सैदनगर से पास की. इसके बाद उन्होंने आर्मी और पुलिस में जाने की कोशिश की.
दो बार आर्मी के मेडिकल में फेल हो गए और फिर करीब छह महीने पहले पुलिस की भर्ती परीक्षा भी क्लियर नहीं हो पाई इस दौरान उन्होंने देखा कि पिता को खेती में अच्छा मुनाफा हो रहा है, तो उन्होंने भी खेती करनी शुरू कर दी.

विपिन बताते हैं पढ़ाई में मन नहीं लगता था. बस हर बार यही लगता था कि कुछ अपना करना है. जब नौकरी नहीं मिली, तो खेती में ध्यान देने लगा. दो साल पहले उन्होंने पढ़ाई छोड़कर पूरी तरह से खेतों की ओर रुख कर लिया.

आज विपिन 50 बीघा जमीन में खेती कर रहे हैं. जिसमें वो हरी मिर्च, टमाटर, धनिया और मेंथा की खेती करते हैं. खास बात ये है कि ये सभी फसलें मार्केट में अच्छी कीमत देती हैं.

विपिन बताते हैं अगर सही तरीके से मेहनत और प्लानिंग के साथ खेती की जाए तो इससे लाखों की कमाई हो सकती है.वो सालाना करीब 25 लाख रुपये की आमदनी कर रहे हैं. मिर्च और मेंथा से सबसे ज्यादा फायदा होता है.

धनिया और टमाटर की खेती भी उन्हें अच्छा मुनाफा देती है. विपिन का कहना है कि अब वो खेती को ही अपना भविष्य मानते हैं. उनका सपना है कि आगे जाकर खेती में नई तकनीकें लाकर और ज्यादा उत्पादन करेंगे.