इंतज़ार खत्म! मेरठ का ऐतिहासिक नौचंदी मेला लौटेगा भव्य अंदाज़ में, झूले, स्वाद और मज़ा

0
इंतज़ार खत्म! मेरठ का ऐतिहासिक नौचंदी मेला लौटेगा भव्य अंदाज़ में, झूले, स्वाद और मज़ा


Last Updated:

मेरठ का ऐतिहासिक नौचंदी मेला मई के दूसरे सप्ताह में भव्य रूप में आयोजित होने जा रहा है. मेले में झूले, पारंपरिक व्यंजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और बड़े कलाकारों की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र होंगे, जबकि सुरक्षा और सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा.

मेरठ. पश्चिमी उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक नौचंदी मेला अपने आप में ही विश्व में एक विशेष पहचान रखता है. ऐसे में जो भी मेला प्रेमी ऐतिहासिक मेले को देखने के लिए काफी लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं. तो उनका यह इंतजार मई के दूसरे सप्ताह में समाप्त हो सकता है. दरअसल, ऐतिहासिक नौचंदी मेले को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है. इन बातों को ध्यान रखते हुए जिला पंचायत मेरठ एमए विंध्याचल सिंह कुशवाहा से लोकल-18 की टीम द्वारा भी खास बातचीत की.

भव्य रूप में दिखेगा ऐतिहासिक नौचंदी मेला

जिला पंचायत मेरठ विंध्याचल सिंह कुशवाहा ने बताया कि ऐतिहासिक नौचंदी मेला जिस स्वरूप के लिए जाना जाता है. उसी तरीके से आयोजित किया जाएगा. जिसको लेकर सभी तैयारियां अब अंतिम दौर में है. उन्होंने बताया कि मेले के दूसरे सप्ताह में नौचंदी मेले में लोग घूमते हुए झूले, हलवा पराठा, नानखटाई सहित पटेल मंडप में आयोजित भव्य कार्यक्रम का आनंद ले सकेंगे. नौचंदी मेले के पटेल मंडप में जिस तरह से हर साल बड़े सितारों को बुलाया जाता है. इस साल भी ऐसे ही भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें की कुछ बड़े नाम से संपर्क किया गया है. जैसे ही उनसे सहमति मिल जाएगी, उसके बाद उनका विवरण भी जारी कर दिया जाएगा.

सुरक्षा को लेकर मेले में रहेगी विशेष व्यवस्था

उन्होंने बताया कि नौचंदी मेले में सुरक्षा व्यवस्था प्राथमिकता पर रहेगी, इसी वजह से मेले में भव्य झूले भी लगाए जा रहे हैं. उन सभी की सुरक्षा व्यवस्था का चेक किया जाएगा, जिससे कि जो भी लोग झूले पर झूले उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत ना हो.  इसके लिए भी पुलिस बल के साथ सीसीटीवी कैमरे एवं अन्य माध्यमों से भी नजर रखी जाएगी. इसके साथ उन्होंने बताया कि बुजुर्गों को आने-जाने में दिक्कत ना हो इसके लिए भी गाड़ी की व्यवस्था की जाएगी. जिसको लेकर टेंडर निकाला गया है. आपको बता दें कि, ऐतिहासिक नौचंदी मेला हिंदू मुस्लिम एकता का भी प्रतीक माना जाता है. परंपराओं को निभाने के लिए होली से दूसरे रविवार को मेले का उद्घाटन कर दिया जाता है, लेकिन मेला शुरू होने में लगभग दो माह का समय लग जाता है.

About the Author

Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *