एक बार की लागत 25 साल तक ताबड़तोड़ कमाई…इस खेती से बन जाएंगे मालामाल, उद्यान विभाग भी दे रहा अनुदान
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Dragon Fruit Farming: ड्रैगन फ्रूट की खेती कर किसान मालामाल बन जाएंगे. इस खेती को एक बार करने पर 25 साल तक लगातार कमाई होती है. इसकी खेती के लिए उद्यान विभाग किसानों को अनुदान भी दे रहा है.
यदि आप किसान हैं और ड्रैगन फ्रूट की खेती करना चाहते हैं तो मऊ में आपके लिए सुनहरा मौका है. क्योंकि मऊ में ड्रैगन फ्रूट की खेती करके आप अपना बेहतर कमाई कर सकते हैं. इसकी खेती करने के लिए लिए उद्यान विभाग द्वारा किसानों को बेहतर अनुदान भी दे रहा है. तो आइए जानते हैं कैसे इसका आप लाभ उठाएं. लोकल 18 से बात करते हुए जिला उद्यान अधिकारी संदीप कुमार गुप्ता बताते हैं कि वर्तमान में बागवानी मिशन योजना मऊ जनपद में संचालित हो रही है. जिसके तहत ड्रैगन फ्रूट के लगभग 1700 पौधे किसानों को दिए जा रहे हैं. यह 1700 पौधे प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मिलेंगे. हालांकि ड्रैगन फ्रूट की खेती महंगी पड़ती है, लेकिन इसमें मुनाफा ज्यादा होता है. ड्रैगन फ्रूट की खेती करने के लिए खेतों में पिलर बनाने पड़ते हैं. प्रत्येक पिलर पर चार-चार पौधे लगाए जाते हैं. ड्रैगन फ्रूट की खेती करने के लिए उद्यान विभाग में अपना पंजीकरण करा सकते हैं.
एक बार बजट लगाएं और 25 साल तक लाभ उठाएं
यदि आप ड्रैगन फ्रूट की खेती करते हैं तो यह एक बार खेती करने के बाद 25 सालों तक आसानी से इस खेती का लाभ ले सकते हैं. हालांकि बाजारों में इसकी मांग अधिक होता है और अधिक मूल्य पर बिक्री भी होती है. बाजार में इसकी बिक्री ₹100 प्रति फल होती है. यदि इस खेती की शुरुआत करते हैं तो आप सालों तक इस खेती का लाभ ले सकते हैं और बेहतर कमाई कर सकते हैं. यदि इस खेती को करते हैं तो इस खेती के साथ-साथ आप अन्य खेती का भी लाभ उठा सकते हैं. जैसे धनिया पालक इत्यादि सब्जी इसके साथ हो सकती है, क्योंकि ड्रैगन फ्रूट का पौधा लगाते समय 10 फुट की दूरी रखी जाती है. 10 फुट की दूरी होने के वजह से आप बीच में अन्य खेती भी कर सकते हैं.
₹100 प्रति फल होती है इसकी बिक्री
इस खेती को करने के लिए 162000 का अनुदान उद्यान विभाग की तरफ से दिया जा रहा है और इसकी साथ-साथ आप अन्य खेती को भी करके भी अपनी इनकम डबल कर सकते हैं. यदि मऊ जनपद के निवासी हैं, तो ड्रैगन फ्रूट की खेती आपके लिए मुनाफे की खेती साबित हो सकती है. यदि इसका लाभ लेना चाहते हैं तो आपको उद्यान विभाग में अपना पंजीकरण करना होगा. जिसके लिए आपका आधार कार्ड एवं खेत की खतौनी लगेगी.
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पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों में रिपोर्टिंग से ल…और पढ़ें