कफ सिरप केस में 800 करोड़ का काला साम्राज्य, अब खुलेंगे और कई राज
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Varanasi News: फरवरी महीने से खाद्य सुरक्षा एवं औषधीय विभाग इसके लिए विशेष अभियान शुरू करने जा रहा है. इस अभियान के तहत वाराणसी के सभी 3265 थोक दवा फर्मों की जांच होगी.इस जांच के दौरान स्थलीय निरीक्षक कर भौतिक सत्यापन किया जाएगा.
वाराणसी: कोडिन युक्त कफ सिरप मामले में जांच जारी है और इस मामले में 2 महीने की जांच के बाद वाराणसी SIT के हाथ भी कई सबूत हाथ लगे हैं. अब तक कि जांच में ये पता चला कि कफ सिरप के काले कारोबार का काला साम्राज्य 800 करोड़ का था. इस काले कारोबार के लिए कई फर्जी दवा फर्में भी बनाई गई थीं. इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड शुभम जायवसाल है, जो अब भी फरार है. इन सब के बीच अब FSDA वाराणसी के सभी दवा फर्मों की जांच करेगी.
फरवरी महीने से खाद्य सुरक्षा एवं औषधीय विभाग इसके लिए विशेष अभियान शुरू करने जा रहा है. इस अभियान के तहत वाराणसी के सभी 3265 थोक दवा फर्मों की जांच होगी. बताते चलें कि इस कांड में कई ऐसे फर्म सामने आए हैं जो सिर्फ और सिर्फ कागजों पर चल रहे थे, लेकिन उनसे करोड़ों के कफ सिरप की खरीद बिक्री हुई थी.
अनुभव प्रमाण पत्र की भी होगी जांच
FSDA इस निरीक्षण के दौरान कई चींजों की जांच करेगी. दवा भंडारण व्यवस्था के साथ जिनके नाम पर लाइसेंस जारी किया गया है उसकी उपस्थिति और साथ ही साथ अनुभव प्रमाण पत्रों को भी देखा जाएगा. अनुभव प्रमाण पत्र किस फर्म से जारी है उससे सत्यापन भी कराया जाएगा, क्योंकि फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के जरिए भी कफ सिरप कांड में कई लाइसेंस जारी हुए थे. जिन्हें अब सस्पेंड भी किया जा रहा है.
37 फर्मों के लाइसेंस हुए हैं निरस्त
FSDA ने अब तक 37 फर्मो के लाइसेंस को निरस्त किया है. इन फर्मो को विभाग की ओर से नोटिस जारी कर क्रय-विक्रय की जानकारी मांगी गई थी. इन जानकारियों को न उपलब्ध कराने पर इनके खिलाफ विभागीय ऐक्शन हुआ है. पिछले दिनों एडीसीपी नीतू कादयान ने भी यह साफ किया था कि FSDA बिना भौतिक सत्यापन के किसी भी दवा फर्म को लाइसेंस न जारी करें अब उसी के तहत पुराने सभी फर्मों की जांच भी की जा रही है.
जांच में कुछ और फर्म भी आ सकते हैं सामने
माना जा रहा है FSDA के इस ऐक्शन के दौरान फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर जारी कुछ और फर्मों के नाम भी सामने आ सकते हैं.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें