कहां गए रामलला का हार और चरण पादुका? SIT के लिए बने पहेली, फिर घिरे टिन्नू यादव
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Ram Mandir Daan Chori News : रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में देशभर के करोड़ों राम भक्तों ने दिल खोलकर दान दिया था. जौनपुर के एक परिवार ने बहुमूल्य हार और चरण पादुका भेंट की थी, जो अब लापता है. चार दिन से जांच कर रही एसआईटी को अभी इसका कोई जवाब नहीं मिल पाया है. हार और चरण पादुका एसआईटी के लिए पहेली बन गए हैं. पुजारी मोहित पांडेय ने बताया कि रामलला को हार पहनाने के बाद उन्होंने वह हार टिन्नू यादव को वापस कर दिया था. हार पर 12 ज्योतिर्लिंग उकेरे गए थे, जबकि चरण पादुका पर 64 चरण चिह्न अंकित थे. दोनों उपहार बेहद मूल्यवान थे.
अयोध्या. चंदा चोरी से जुड़े विवादों को लेकर राम मंदिर लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. इसी कड़ी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान देशभर के करोड़ों राम भक्तों ने रुपये-पैसे और सोना-चांदी दिल खोलकर दान दिए थे. जौनपुर के एक परिवार द्वारा भेंट किया गया बहुमूल्य हार और चरण पादुका अब तक लापता हैं. चार दिन से जांच कर रही एसआईटी को अभी तक इनकी कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है. सवाल है कि आखिर करोड़ों की आस्था से जुड़ा यह उपहार कहां गया?
राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान जौनपुर के विश्वकर्मा परिवार ने रामलला को रत्न जड़ित विशेष हार और चरण पादुका भेंट की थी. परिवार के सदस्य करीब 200 किलोमीटर पैदल चलकर अयोध्या पहुंचे थे और उन्होंने यह उपहार रामलला को अर्पित किया था. अब यही हार और चरण पादुका एसआईटी के लिए बड़ी पहेली बन गए हैं. जांच के चौथे दिन एसआईटी ने मंदिर से जुड़े कई लोगों से पूछताछ की, लेकिन उपहारों का कोई सुराग नहीं मिला.
गलाकर ईंट बनवाया, लेकिन…
सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, कृष्णदेव तिवारी और रामलला के चार पुजारियों से पूछताछ की. पुजारी मोहित पांडेय ने जांच टीम को बताया कि रामलला को हार पहनाने के बाद उन्होंने वह हार टिन्नू यादव को वापस कर दिया था. सूत्रों के अनुसार, टिन्नू यादव का कहना है कि हार को बाद में गलाकर ईंट के रूप में तैयार करने के लिए बेंगलुरु भेज दिया गया था. हालांकि जांच में अब तक न तो उस कथित ईंट का कोई पता चला है और न ही उससे जुड़ा कोई दस्तावेज या रसीद मिली है.
कोई स्पष्ट जवाब नहीं
जांच के दौरान वरिष्ठ पुजारियों अशोक उपाध्याय, संतोष तिवारी, प्रेमचंद्र त्रिपाठी और युवा पुजारी मोहित पांडेय से भी जानकारी ली गई. लेकिन हार और चरण पादुका की मौजूदगी को लेकर कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया. दो दिन पहले अयोध्या के रोकड़िया हनुमान मंदिर के आचार्य विनोद मिश्रा ने मीडिया को बताया था कि जौनपुर के जंगही निवासी अजय विश्वकर्मा अपने पिता केदारनाथ विश्वकर्मा और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पैदल अयोध्या पहुंचे थे. उन्होंने टिन्नू यादव के माध्यम से रामलला को यह विशेष हार और चरण पादुका भेंट की थी.
कोई कैमरे पर बोलने को तैयार नहीं
बताया जाता है कि हार पर 12 ज्योतिर्लिंग उकेरे गए थे, जबकि चरण पादुका पर 64 चरण चिह्न अंकित थे. दोनों उपहार बेहद मूल्यवान थे. परिवार को यह आश्वासन भी दिया गया था कि रामलला को हार पहनाए जाने की तस्वीर उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन आज तक उन्हें कोई तस्वीर नहीं मिली. हालांकि अब इस पूरे मामले पर राम मंदिर ट्रस्ट के कोई भी पदाधिकारी कैमरे के सामने नहीं बोल रहे हैं. एक तरफ जहां जांच टीम जांच कर रही है तो दूसरी तरफ हर और चरण पादुका कहां है, यह बड़ा सवाल भी सामने खड़ा हो रहा है.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें