कानपुर के बाद अब रायबरेली में मृत मिली डॉल्फिन, पोस्टमार्टम की रिपोर्ट सुनकर चकरा जाएगा आपका सिर
कानपुर: कानपुर और आसपास के इलाकों में गंगा नदी की स्थिति को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. बीते 10 दिनों के भीतर दो गंगा डॉल्फिन का मृत मिलना इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि गंगा का जल अब जलीय जीवों के लिए सुरक्षित नहीं रह गया है. पहले कानपुर के जाजमऊ इलाके में गंगा किनारे एक डॉल्फिन मिली थी और अब दूसरी डॉल्फिन रायबरेली की एक नहर में मृत पाई गई है. लगातार दो घटनाओं ने गंगा की स्वच्छता और जल गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
जाजमऊ में मिली पहली डॉल्फिन
रायबरेली की नहर में दूसरी डॉल्फिन
आईवीआरआई भेजी गई दोनों डॉल्फिन की जांच
गंगा की गुणवत्ता पर उठे सवाल
गंगा डॉल्फिन को नदी की सेहत का संकेतक माना जाता है. अगर डॉल्फिन सुरक्षित नहीं हैं, तो इसका मतलब है कि नदी का पानी भी गंभीर रूप से प्रभावित है. लगातार दो डॉल्फिन की मौत यह साफ दिखा रही है कि गंगा में प्रदूषण का स्तर खतरनाक है, खासकर औद्योगिक और शहरी इलाकों के आसपास.
प्रशासन और समाज की जिम्मेदारी
स्थानीय लोगों और पर्यावरण से जुड़े संगठनों का कहना है कि गंगा की सफाई को लेकर योजनाएं तो बन रही हैं, लेकिन उनका असर जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा. नालों का गंदा पानी, फैक्ट्रियों का अपशिष्ट और अन्य कचरा अब भी गंगा में जा रहा है. बीते 10 दिनों में दो गंगा डॉल्फिन की मौत एक चेतावनी है कि अगर समय रहते गंगा की स्वच्छता पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं.