क्या UP में हिट होगा BJP का फॉर्मूला? जाति नहीं अनुभव देखकर देगी संगठन में मौका
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बीजेपी प्रदेश की 45 सदस्यीय टीम में बदलाव के अलावा अपने 6 संगठनात्मक क्षेत्रों जैसे कि काशी, गोरखपुर, पश्चिमी यूपी, अवध, ब्रज और कानपुर-बुंदेलखंड की टीमों में भी फेरबदल करेगी. पार्टी के सातों मोर्चों में भी बदलाव किए जाएंगे.
यूपी में संगठनात्मक बदलाव में बीजेपी में अब जाति नहीं अनुभव देखा जाएगा.
लखनऊः 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अपने सभी समीकरणों को साधने में भारतीय जनता पार्टी लगातार जुटी हुई है. यही वजह है कि योगी सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब संगठनात्मक बदलाव करने की तैयारी कर रही है. लेकिन पहले जो अटकलें लगाई जा रही थीं कि बीजेपी सरकार के बाद अब संगठन में जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधेगी. लेकिन अब जो खबरें सामने आ रही हैं, उसके मुताबिक बीजेपी जातीय समीकरणों की बजाय संगठनात्मक अनुभव को प्राथमिकता देने की प्लानिंग कर रही है.
जातीय समीकरण की जगह अनुभवी कार्यकर्ताओं को मिली जगह
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि नई प्रदेश टीम में कम से 60 फीसदी पदाधिकारी ऐसे होंगे, जो लंबे समय से पार्टी से जुड़े रहे हैं और संगठन के कामकाज का अच्छा अनुभव रखते हों. भले ही उनकी जाति कोई भी हो. बीजेपी के इस कदम को योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार से अलग माना जा रहा है, जिसमें ओबीसी और दलित नेताओं को ज्यादा मौका दिया गया था. कैबिनेट विस्तार विपक्ष के पीडीए फॉर्मूला का काट था. जिसके चलते 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को भारी नुकसान हुआ था. बता दें कि मंत्रिमंडल में शामिल 6 नए मंत्रियों में 3 ओबीसी, 2 दलित और 1 सर्वण समाज से थे. वहीं जिन दो मंत्रियों का प्रमोशन किया गया था, वह भी ओबीसी समुदाय से थे.
मंत्रिमंडल से बीजेपी ने क्या दिया मैसेज
भाजपा ने मंत्रिमंडल में ओबीसी और दलति नेताओं को अधिक जगह देकर यह संदेश देने की कोशिश की है पिछड़े और वंचित वर्ग विपक्ष की तरफ नहीं जा रहे हैं. हालांकि संगठन के स्तर पर बदलाव करने को लेकर बीजेपी का अलग मकसद है. पार्टी अपने आप को एक बार फिर बूथ लेवल पर मजबूत करने के लिए क्षेत्रीय इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल बैठाना चाहती है ताकि 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए फोकस हर किसी का सही हो.
बीजेपी अपने किन-किन संगठनों में करेगी बदलाव
बीजेपी प्रदेश की 45 सदस्यीय टीम में बदलाव के अलावा अपने 6 संगठनात्मक क्षेत्रों जैसे कि काशी, गोरखपुर, पश्चिमी यूपी, अवध, ब्रज और कानपुर-बुंदेलखंड की टीमों में भी फेरबदल करेगी. पार्टी के सातों मोर्चों में भी बदलाव किए जाएंगे. रिपोर्ट में बीजेपी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि जातीय समीकरण की जगह अनुभव को प्राथमिकता देने पर सहमति प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह के बीच मुलाकात के दौरान बनी.
अनुभवी कार्यकर्ताओं को निगमों में खाली पदों पर करेगी नॉमिनेट
सूत्रों का कहना है कि पश्चिम बंगाल, बिहार और असम के बाद यूपी भाजपा के लिए अगला बड़ा चुनाव मैदान है. ऐसे में पार्टी हर स्तर पर तैयार रहना चाहती है. इसके अलावा यह भी चर्चा चल रही है कि बीजेपी अपने पुराने और अनुभवी कार्यकर्ताओं को अलग-अलग बोर्डों और निगमों में खाली पदों पर नियुक्त करने का विचार कर रही है. बता दें कि पार्टी पहले ही अलग-अलग नगर निगमों में 2800 कार्यकर्ताओं को पार्षद के रूप में नॉमिनेट कर चुकी है.
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Prashant Rai am currently working as Chief Sub Editor at News18 Hindi Digital, where he lead the creation of hyper-local news stories focusing on politics, crime, and viral developments that directly impact loc…और पढ़ें