खाली बोतल से पाएं खेतों के कीटों से छुटकारा, कीमत सिर्फ ₹35
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Bahraich Latest News: बहराइच के किसानों ने कीटों से बचाव के लिए सस्ता और असरदार देसी जुगाड़ खोजा है. खाली पानी की बोतल और लियोर केमिकल से बने इस ट्रैप से कीटनाशकों की जरूरत कम हो जाती है और खर्च घटता है.
पानी की खाली बोतल से बनाएं खास कीट नियंत्रण यंत्र!
हाइलाइट्स
- खाली बोतल से सस्ता और असरदार कीट ट्रैप बनाया गया.
- इस ट्रैप से कीटनाशकों की जरूरत कम होती है.
- ट्रैप बनाने में सिर्फ ₹35 का खर्च आता है.
बहराइच: किसानों के लिए एक ऐसा देसी जुगाड़ सामने आया है जो न सिर्फ सस्ता है बल्कि बेहद असरदार भी है. अब खेतों में लगने वाले कीटों से छुटकारा पाने के लिए महंगे कीटनाशक या ट्रैप शीट की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि खाली पड़ी पानी की बोतल से ही किसान एक उपयोगी यंत्र तैयार कर सकते हैं. इस खास ट्रैप की मदद से कीट आकर्षित होकर बोतल में फंस जाते हैं और फसल को नुकसान नहीं पहुंचा पाते.
कैसे करता है काम यह बोतल वाला ट्रैप
इस यंत्र का मूल आधार एक रसायन है जिसका नाम है लियोर. यह एक प्रकार का फेरोमोन ट्रैप होता है, जिसकी खुशबू से कीट आकर्षित होते हैं. जब इसे बोतल के ढक्कन में एक डोरी पर लगाया जाता है तो यह गंध छोड़ता है, जिससे कीट बोतल की ओर खिंचे चले आते हैं. बोतल में बना छोटा छेद उनके लिए प्रवेश का रास्ता बनता है, लेकिन अंदर आने के बाद वह बाहर नहीं निकल पाते. इस तरह से यह ट्रैप कीटों को पकड़कर फसलों को नुकसान से बचाता है. इसके इस्तेमाल से कीटनाशकों की आवश्यकता कम हो जाती है और किसानों का खर्च घटता है.
कैसे बनाएं खाली बोतल से यह ट्रैप
बहराइच के उद्यान निरीक्षक पंकज वर्मा बताते हैं कि इस ट्रैप को बनाना बिल्कुल भी मुश्किल नहीं है. इसके लिए किसान सबसे पहले एक खाली पानी की बोतल लें. बोतल का ढक्कन खोलकर उसमें एक छोटा सा छेद करें. इस छेद में मिट्टी के तेल के दीये में जलने वाली पतली डोरी जैसा एक टुकड़ा डालें और उसमें लियोर केमिकल लगा दें. इसके बाद डोरी का कुछ हिस्सा बाहर छोड़ते हुए ढक्कन को दोबारा बंद कर दें.
इसके बाद बोतल के ऊपरी हिस्से या बीच में एक और छोटा छेद करें. इस छेद से कीट बोतल के अंदर जाएंगे. अगर चाहें तो बोतल के ऊपरी हिस्से में सिल्वर पन्नी या चमकदार सामग्री लपेट सकते हैं ताकि यह कीटों को दूर से आकर्षित करे. तैयार ट्रैप को खेतों में जगह-जगह लटका दें.
कम खर्च में ज्यादा फायदा
इस देसी ट्रैप को बनाने में ज्यादा खर्च नहीं आता. एक बोतल तैयार करने में करीब ₹30 से ₹35 का खर्च आता है. अगर कोई किसान 1 एकड़ खेत में इसका इस्तेमाल करना चाहता है तो उसे लगभग 20 बोतलें बनानी होंग. यानी पूरी व्यवस्था में 600 से ₹700 रुपए तक का खर्च आएगा, जो बाजार में मिलने वाली महंगी ट्रैप शीट की तुलना में काफी कम है.
किसानों के लिए कमाल का विकल्प
यह यंत्र न सिर्फ कीटनाशकों के इस्तेमाल को घटाता है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित है. इसके इस्तेमाल से खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीट तो फंस जाते हैं, लेकिन मिट्टी और पानी पर रसायन का कोई बुरा असर नहीं होता. यही वजह है कि बहराइच के किसान अब इस देसी ट्रैप का बड़े स्तर पर इस्तेमाल कर रहे हैं और अच्छे नतीजे भी देख रहे हैं.