खीरे से किसानों की आमदनी होगी दोगुनी, बस इस तकनीक से करें खेती

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खीरे से किसानों की आमदनी होगी दोगुनी, बस इस तकनीक से करें खेती


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किसान प्रदीप ने लोकल 18 से कहा कि खीरे व सब्जियों की खेती करीब 4 -5 सालों से कर रहा है. खीरे की फसल में लागत की बात करें तो  एक बीघे में 10 से 12 हजार रुपए आती है. वहीं मुनाफा करीब 70 से 80 रुपये तक एक फसल पर ह…और पढ़ें

आज के वक्त में किसानों का रुझान अब पारंपरिक फसलों से हटकर सब्जियों की खेती की ओर बढ़ रहा है। गेहूं, धान और गन्ने जैसी पारंपरिक फसलों की तुलना में फल और सब्जियों की खेती से किसान अधिक मुनाफा कमा रहे हैं. पारंपरिक फसलों पर मौसम और बीमारियों का खतरा हमेशा बना रहता है. इसके विपरीत, खीरे की खेती से किसानों को स्थिर और बेहतर आमदनी मिल रही है. विशेषकर बरसात के मौसम में खीरे की मांग काफी बढ़ जाती है. जिस वजह से जिले के युवा किसान अब भिंडी, लौकी, खीरा और मिर्च जैसी सब्जियों की खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं. बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती से उनकी आय भी दोगुनी हो रही है.

जिले के इस किसान ने खीरे की खेती कर उन्हें कम लागत में अच्छा मुनाफा मिल रहा है. जिसके लिए वह कई सालों से खीरे की खेती कर अच्छा लाभ  कमा रहे हैं. बाराबंकी जिले के सहेलियां गांव के रहने वाले किसान प्रदीप अन्य फसलों के अलावा खीरे की खेती की शुरुआत की जिसमें उन्हें अच्छा लाभ देखने को मिला.आज वह करीब आधे एकड़ में खीरे की खेती कर एक फसल पर 70 से 80 हजार रुपये मुनाफा कमा रहे है.

1 बीघे में 10 हजार रुपये की लागत
इसकी खेती करने वाले किसान प्रदीप ने लोकल 18 से कहा कि खीरे व सब्जियों की खेती करीब 4 -5 सालों से कर रहा है इस समय मेरे पास करीब आधे एकड़ में खीरा लगा हुआ है जो निकल भी रहा है और अच्छे रेट में जा भी रहा है क्योंकि यह जो बरसात के समय का खीरा होता है. इसकी पैदावार थोड़ी कम होती है पर इसकी मांग इस सीजन काफी अधिक रहती है क्योंकि बारिश के समय खीरे की खेती करना थोड़ा मुश्किल होता है. ज्यादा बारिश होने से खीरे की फसल में रोग लगने के साथ साथ फशल नष्ट हो जाती है. इसकी खेती कम होती है. वही खीरे की फसल में लागत की बात करें तो  एक बीघे में 10 से 12 हजार रुपए आती है. वहीं मुनाफा करीब 70 से 80 रुपये तक एक फसल पर हो जाता है. इसकी खेती हम मल्च विधि से करते हैं जिससे खीरे की अच्छी पैदावार होती है.

खीरे के खेती से कर रहे लाखों की कमाई
इसकी खेती करना काफी आसान है पहले खेत की गहरी जुताई की जाती है फिर खेत में मेड बनाकर उसपर पन्नी बिछाई जाती है फिर पन्नी में छेद करके खीरे के बीज की बुआई की जाती है जब पौधा थोड़ा बड़ा हो जाता है फिर इसमें हम बांस को लगा कर डोरी तार के सहारे खीरे के पौधे को बांध दिया जाता है. जिससे खीरे की बेल तार वह डोरी पर फ़ैल जाती है. जिससे खीरे की फसल की अधिक पैदावार होती है और रोग लगने का खतरा कम रहता है वही महज इसकी बुवाई करने के 40 से 50 दिनों बाद फसल निकलना शुरू हो जाती है

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