गन्ने में समय पर गुड़ाई से बढ़ेगी पैदावार, किसानों को होगा ज्यादा मुनाफा
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गन्ने की फसल में समय पर गुड़ाई करने से मिट्टी भुरभुरी रहती है, जड़ों तक हवा और नमी आसानी से पहुंचती है और खरपतवार भी नष्ट होते हैं. प्रगतिशील किसान राघवेंद्र मिश्रा के अनुसार, पहली गुड़ाई बुवाई के 25-30 दिन बाद करनी चाहिए, जिससे फसल की बढ़वार और पैदावार दोनों बेहतर होती हैं.
गोंडा. गन्ना किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण नकदी फसल है, अच्छी पैदावार पाने के लिए केवल सिंचाई और खाद देना ही काफी नहीं होता, बल्कि समय-समय पर फसल की देखभाल भी जरूरी होती है. इन्हीं जरूरी कार्यों में से एक है गन्ने की गुड़ाई. प्रगतिशील किसान राघवेंद्र मिश्रा के अनुसार, सही समय पर गुड़ाई करने से गन्ने की बढ़वार बेहतर होती है और उत्पादन में भी बढ़ोतरी देखने को मिलती है. लोकल 18 से बातचीत के दौरान प्रगतिशील किसान राघवेंद्र मिश्रा बताते हैं कि गन्ने की फसल में गुड़ाई करने से मिट्टी भुरभुरी हो जाती है. इससे पौधों की जड़ों तक हवा और नमी आसानी से पहुंचती है. जब जड़ों को पर्याप्त हवा मिलती है, तो पौधे तेजी से बढ़ते हैं और मजबूत बनते हैं. इसके अलावा गुड़ाई करने से मिट्टी की ऊपरी परत सख्त नहीं होती, जिससे पानी का बेहतर संरक्षण होता है. गन्ने की फसल में खरपतवार बड़ी समस्या मानी जाती है. खेत में उगने वाली घास और अन्य खरपतवार फसल के पोषक तत्वों को नुकसान पहुंचाते हैं. ऐसे में गुड़ाई करने से खरपतवार नष्ट हो जाते हैं और गन्ने के पौधों को पर्याप्त पोषण मिलता है. इससे फसल स्वस्थ रहती है और पैदावार बढ़ने की संभावना ज्यादा होती है.
कब करे पहली गुड़ाई
राघवेंद्र मिश्रा गन्ने की पहली गुड़ाई बुवाई के करीब 25 से 30 दिन बाद करनी चाहिए. इसके बाद जरूरत के अनुसार दूसरी और तीसरी गुड़ाई की जा सकती है. बारिश के बाद खेत की मिट्टी सख्त हो जाए, तब भी गुड़ाई करना फायदेमंद माना जाता है. हालांकि गुड़ाई करते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि पौधों की जड़ों को नुकसान न पहुंचे. राघवेंद्र मिश्रा सलाह देते हैं कि गुड़ाई हमेशा हल्की नमी वाली मिट्टी में करनी चाहिए. बहुत ज्यादा गीली या सूखी मिट्टी में गुड़ाई करने से फायदा कम होता है. साथ ही खेत में जलभराव नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे जड़ें खराब हो सकती हैं. यदि किसान गुड़ाई के साथ मिट्टी चढ़ाने का काम भी करें, तो गन्ने के पौधे गिरने से बचते हैं और उनकी पकड़ मजबूत होती है.
राघवेंद्र मिश्रा का कहना है कि आधुनिक खेती में मशीनों से भी गुड़ाई की जा रही है, जिससे समय और मजदूरी दोनों की बचत होती है. छोटे किसान पारंपरिक तरीके से भी यह काम आसानी से कर सकते हैं. सही समय पर की गई गुड़ाई से गन्ने की गुणवत्ता बेहतर होती है और किसानों को अधिक लाभ मिलता है, इसलिए किसान यदि अच्छी पैदावार और ज्यादा मुनाफा चाहते हैं, तो गन्ने की फसल में समय पर गुड़ाई जरूर करें और विशेषज्ञों की सलाह का पालन करें. राघवेंद्र मिश्रा बताते हैं कि गुड़ाई करने के लगभग 15 से 20 दिन बाद सिंचाई करनी चाहिए ऐसा करने से मिट्टी की उर्वरकता शक्ति बढ़ जाती है.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें