गरुण पुराण के अनुसार हर पाप की मिलती है अलग-अलग सजा, कर्मों के हिसाब से होता है फैसला

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गरुण पुराण के अनुसार हर पाप की मिलती है अलग-अलग सजा, कर्मों के हिसाब से होता है फैसला


Agency:News18 Uttar Pradesh

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गरुड़ पुराण के मुताबिक 84 लाख नरकों में से 21 प्रमुख नरक हैं. व्यक्ति को अपने कर्मों के हिसाब से नरक मिलता है. जिनका हिसाब-किताब यमराज करते हैं.

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शास्त्री ने बताया कौन से नर्क में दी जाती है मृतक को सजा 

हाइलाइट्स

  • गरुड़ पुराण के अनुसार 21 प्रमुख नरक हैं.
  • कर्मों के हिसाब से व्यक्ति को नरक में सजा मिलती है.
  • यमराज और चित्रगुप्त करते हैं पाप-पुण्य का हिसाब.

मथुरा: जिसने जन्म लिया है, उसकी मृत्यु निश्चित है. मृत्यु के बाद मनुष्य को अपनी कर्मों की सजा भुगतानी पड़ती है. सभी मृत आत्माओं को उनके पाप और पुण्य के हिसाब से दंड दिया जाता है जिसे जितना पाप किया है उसे उतना यमराज दंड देते हैं. जिस व्यक्ति को दंड मिलता है उसे किस प्रकार से सजा मिलती है उसका बखान गरुड़ पुराण में किया गया है.

हर पाप की मिलती है अलग-अलग सजा 

व्यक्ति की मृत्यु होने के बाद वह व्यक्ति परलोक चला जाता है. मृत्यु के बाद उसका खाता चेक किया जाता है. चित्रगुप्त अपनी डायरी में मरने वाले व्यक्तियों के हिसाब किताब को देखते हैं और उसे उसके कर्मों के अनुसार उसका हिसाब किताब किया जाता है जिस व्यक्ति ने पुण्य किया है उसे पुण्य के हिसाब से फल मिलता है और जो व्यक्ति पाप ही पाप में लिप्त रहा उसे पाप के हिसाब से सजा दी जाती है.

पंडित मथुरानाथ शास्त्री ने गरुड़ पुराण के बारे में बताया कि मृतक की आत्मा यमराज के यहां पहुंचती है फिर व्यक्ति के जन्म लेने के बाद से अपने सारी अवस्था में जो जो उसने पाप और पुण्य किए हैं, उन सभी का हिसाब किताब चित्रगुप्त बताते हैं. जब व्यक्ति का अंतिम समय आता है, तो उसे हिसाब को यमराज के सामने पेश करते हैं. जिस प्रकार हम लोग कोर्ट कचहरी में अपने साक्ष्य प्रस्तुत करते हैं उसी प्रकार से यमराज की कचहरी भी ऊपर लगती है. उन्होंने कहा कि गरुड़ पुराण में हर उस व्यक्ति की पाप और पुण्य का हिसाब किताब के बारे में बताया गया है, जो व्यक्ति धरती पर रहकर करता है.

कर्मों के हिसाब से मिलता है नरक 

लोकल 18 से बातचीत के दौरान मथुरा नाथ शास्त्री ने यह भी बताया कि गरुड़ पुराण के मुताबिक, 84 लाख नरकों में से 21 प्रमुख नरक हैं. इन्हें घोर नरक कहा जाता है. ये नरक कई तरह की यातनाओं से भरे होते हैं. गरुड़ पुराण के मुताबिक तामिस्र, लोहशंकु, महारौरव, शल्मली, रौरव, कुड्मल, कालसूत्र, पूतिमृत्तिक, संघात, लोहितोद, सविष, संप्रतापन, महानिरय, काकोल, संजीवन, महापथ, अविचि, अंधतामिस्र, कुंभीपाक, तपन. गरुड़ पुराण के मुताबिक जो लोग कर्मों के अनुसार पाप करते हैं, उन्हें यमराज नरक भेजते हैं.

हर प्रकार के नरक का है विस्तार से वर्णन

गरुड़ पुराण में हर पाप के बारे में सब कुछ लिखा गया है. गरुड़ पुराण एक ऐसा ग्रंथ माना गया है, जिसमें हर प्रकार की नरक का बड़े ही विस्तार से वर्णन किया गया है.

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गरुण पुराण के अनुसार हर पाप की मिलती है सजा, कर्मों के हिसाब से होता है फैसला

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.



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