गाजियाबाद में सड़क हादसों पर एक्शन: 10 ‘ब्लैक स्पॉट’ चिन्हित, अब घायलों को मिलेगा ₹1.5 लाख तक का मुफ्त इलाज

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गाजियाबाद में सड़क हादसों पर एक्शन: 10 ‘ब्लैक स्पॉट’ चिन्हित, अब घायलों को मिलेगा ₹1.5 लाख तक का मुफ्त इलाज


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Ghaziabad News: गाजियाबाद प्रशासन ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल पर बढ़ते हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाया है. जिले के 10 खतरनाक ‘ब्लैक स्पॉट्स’ चिन्हित कर उनके पास 10 निजी अस्पतालों को नामित किया गया है. अब घायलों को बिना देरी के सीधे इन अस्पतालों में ले जाया जाएगा, जहां उन्हें ₹1.5 लाख तक का फ्री इलाज मिलेगा. ‘गोल्डन ऑवर’ में जान बचाने के उद्देश्य से शुरू हुई इस पहल के लिए पुलिस और एंबुलेंस को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है.

Ghaziabad News: गाजियाबाद में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर सड़क हादसों की बढ़ती संख्या प्रशासन के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई है. साल 2025 में हुए हादसों में सैकड़ों लोगों की जान जाने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि दुर्घटना के बाद घायलों को ‘गोल्डन ऑवर’ (हादसे के ठीक बाद का पहला घंटा) में इलाज मिलना सबसे अनिवार्य है. इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है, जिससे हादसे के बाद घायलों को तुरंत इलाज मिल सके.

10 ब्लैक स्पॉट और 10 नामित अस्पताल
गाजियाबाद में साल 2025 के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में करीब 376 लोगों की मौत हुई. इन आंकड़ों को देखते हुए प्रशासन ने जिले के 10 ऐसे स्थानों को चिन्हित किया है जहां सबसे अधिक दुर्घटनाएं होती हैं, इन्हें ‘ब्लैक स्पॉट’ घोषित किया गया है. इन क्षेत्रों के पास स्थित 10 निजी अस्पतालों को घायलों के त्वरित उपचार के लिए नामित किया गया है. अब दुर्घटना की स्थिति में पुलिस या 102-108 एंबुलेंस सेवाएं घायलों को बिना समय गवाएं सीधे इन्हीं नामित अस्पतालों में ले जाएंगी. इन अस्पतालों में घायलों को ₹1.5 लाख तक का नि: शुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाएगा.

असमंजस होगा खत्म, तुरंत मिलेगा इलाज
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. अखिलेश मोहन के अनुसार, सभी नामित अस्पतालों में ट्रॉमा से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं. एंबुलेंस चालकों और पुलिस को अस्पतालों की सूची सौंप दी गई है ताकि मौके पर कोई असमंजस न रहे. यदि पुलिस पहले पहुंचती है, तो वे सीधे नजदीकी नामित अस्पताल को सूचित कर मरीज को वहां शिफ्ट कर सकेंगे.

स्वास्थ्य विभाग द्वारा नामित अस्पतालों की सूची

  • संतोष अस्पताल
  • मणिपाल अस्पताल
  • सर्वोदय ट्रॉमा सेंटर (वैशाली)
  • यशोदा मेडिसिटी (इंदिरापुरम)
  • मैक्स अस्पताल (वैशाली)
  • अंबे अस्पताल (शालीमार गार्डन)
  • निविक सुपरस्पेशलिटी अस्पताल
  • जीवन अस्पताल (मोदीनगर)
  • नरेंद्र मोहन अस्पताल
  • वर्धमान अस्पताल

घायलों को अस्पताल तक पहुंचने में हो जाती थी देरी
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पहले अक्सर यह देखा गया था कि घायल को अस्पताल पहुंचाने में देरी हो जाती थी, क्योंकि यह तय नहीं हो पाता था कि किस अस्पताल में भर्ती कराया जाए. इसी देरी के चलते कई बार मरीज की हालत गंभीर हो जाती थी. अब अस्पताल पहले से तय होने के कारण यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी.

डिजिटल ट्रैकिंग और प्रशिक्षण
सड़क दुर्घटनाओं के डेटा को अब iRAD और eDAR जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज किया जा रहा है. इसके साथ ही ‘सड़क सुरक्षा मित्र’, ‘राहगीर योजना’ और ‘कैशलेस ट्रीटमेंट’ जैसी सरकारी योजनाओं को भी जिले में प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है. व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग 12 और 13 जनवरी 2026 को कलेक्ट्रेट स्थित NIC में प्रशिक्षण सत्र आयोजित करेगा. इसमें अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ को नई कार्यप्रणाली की ट्रेनिंग दी जाएगी. प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से गाजियाबाद में सड़क हादसों के कारण होने वाली मृत्यु दर में भारी कमी आएगी.

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Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें

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