गाजियाबाद: GMC के ‘311 ऐप’ का दावा हवा-हवाई, 24 घंटे में समाधान का वादा निकला खोखला, कूड़े के ढेर में तब्दील हुए ये इलाके

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गाजियाबाद: GMC के ‘311 ऐप’ का दावा हवा-हवाई, 24 घंटे में समाधान का वादा निकला खोखला, कूड़े के ढेर में तब्दील हुए ये इलाके


Ghaziabad News: शहर को स्मार्ट बनाने और जनता की समस्याओं को चुटकियों में हल करने के लिए गाजियाबाद नगर निगम (GMC) ने जिस ‘311 ऐप’ को बड़े जोर-शोर से लॉन्च किया था, वह अब खुद एक समस्या बन चुका है. मार्च 2024 में शुरू हुए इस ऐप का दावा था कि 24 घंटे के भीतर शिकायतों का निस्तारण होगा, लेकिन हकीकत इसके उलट है. मोहन नगर जोन से लेकर वसुंधरा तक, जनता ऐप की तकनीकी खामियों और अधिकारियों की लापरवाही से त्रस्त है. आलम यह है कि शिकायत हल होना तो दूर, अब ऐप पर शिकायत दर्ज करना भी चुनौती बन गया है.

शिकायत दर्ज करने में आ रहा ‘एरर’
नगर निगम के दावों की पोल तब खुलती है जब लोग ऐप का इस्तेमाल करते हैं. मोहन नगर जोन और डेल्टा कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि वे लगातार ऐप के जरिए शिकायत दर्ज करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ‘एरर’ आने की वजह से शिकायत रजिस्टर ही नहीं हो पाती. अर्थला और करहेड़ा के लोगों ने बताया कि फोटो अपलोड करने के बाद भी सबमिशन नहीं होता. इस तकनीकी विफलता के कारण थक-हारकर लोग अब सोशल मीडिया का सहारा लेने को मजबूर हैं.

बिना काम किए क्लोज हो रही हैं शिकायतें
हैरानी की बात यह है कि कई बार शिकायत दर्ज होने के बाद उसे बिना किसी कार्रवाई के ही ‘डिस्पोज’ (निस्तारित) दिखा दिया जाता है. शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मौके पर कोई कर्मचारी नहीं पहुँचता, फिर भी सिस्टम में शिकायत क्लोज कर दी जाती है. यह निगम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है कि आखिर बिना जमीनी समाधान के रिपोर्ट को कागजों में दुरुस्त कैसे दिखाया जा रहा है.

मोहन नगर जोन की हालत सबसे खस्ता
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मोहन नगर जोन में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. अर्थला, साहिबाबाद मुख्य सड़क, कड़कड़ मॉडल, बृज विहार, वैशाली और डेल्टा कॉलोनी जैसे इलाकों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं. बृज विहार की निवासी माया गुप्ता और अर्थला के वीरपाल डबास के मुताबिक, कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. नालियों की सफाई न होना और कूड़ा न उठना यहाँ की मुख्य समस्या बनी हुई है.

कहां से आ रही हैं कितनी शिकायतें?
निगम के पास रोजाना दर्जनों शिकायतें पहुंच रही हैं, जिनका ब्यौरा कुछ इस प्रकार है:

  • वसुंधरा जोन: रोजाना 3 से 4 शिकायतें.
  • मोहन नगर जोन: रोजाना 5 से 6 शिकायतें.
  • अन्य जोन: रोजाना 10 से 15 शिकायतें.

स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, पूरे जिले से रोजाना औसतन 15 से 20 शिकायतें आती हैं.

क्या कहते हैं अधिकारी?
इस पूरे मामले पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार का कहना है कि फिलहाल ये शिकायतें उनके संज्ञान में नहीं आई हैं. उन्होंने आश्वासन दिया है कि यदि ऐसी स्थिति है, तो ऐप की तकनीकी जांच करवाई जाएगी और संबंधित टीम को उन लोकेशन्स पर एक्शन लेने के निर्देश दिए जाएंगे जहां समस्याएं गंभीर हैं.



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