गुलाब की खेती लिए ये मिट्टी है सोना, खूब होती है पैदावार, झांसी के किसान कमा रहें तगड़ा मुनाफा
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Gulab Ki Kheti: झांसी में गुलाब की खेती किसानों के लिए लाभ का नया जरिया बन गई है. कम पानी, दोमट मिट्टी और अनुकूल जलवायु के कारण यह फसल आसानी से उगाई जा सकती है. गुलाब के फूल मंदिरों, सजावट और गिफ्टिंग में इस्तेमाल किए जाते हैं, जिससे किसानों को पूरे साल अच्छा मुनाफा होता है. आइए जानते हैं कैसे लगातार कटाई, छटाई और समय पर कीटनाशक के छिड़काव से गुलाब की खेती किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है.
झांसी: किसान अब गुलाब की खेती की तरफ तेजी से आकर्षित हो रहे हैं. गुलाब की खेती किसानों के लिए मुनाफे का सबसे बड़ा साधन साबित हो रही है. न केवल किसान, बल्कि झांसी के प्रमुख पार्कों में भी बड़े पैमाने पर गुलाब की खेती की जा रही है. गुलाब की खेती इसलिए भी फायदेमंद है क्योंकि झांसी की जलवायु इसके लिए बहुत अनुकूल है. झांसी जिले की ग्राम और शुष्क जलवायु गुलाब के फूलों की पैदावार के लिए सबसे अच्छी साबित हो रही है. इसके अलावा, गुलाब की खेती के लिए ज्यादा पानी की जरूरत नहीं पड़ती और ड्रिप सिंचाई से इसे और भी अधिक फायदेमंद बनाया जा सकता है.
कृषि विशेषज्ञों का दावा है कि गेहूं और धान की फसल की तुलना में गुलाब की खेती में आधे से भी कम पानी की जरूरत होती है. गुलाब के फूलों को मुख्य रूप से मंदिरों में अच्छे दामों पर बेचा जाता है, साथ ही सजावट और गिफ्टिंग के लिए भी इन फूलों का व्यापक इस्तेमाल किया जाता है. यही वजह है कि झांसी के किसान इस फसल को लेकर लगातार उत्साहित हैं.
गुलाब की खेती के लिए दोमट मिट्टी को सबसे उपयुक्त माना जाता है. इसके लिए गहरी जुताई और गोबर की खाद का इस्तेमाल करना जरूरी होता है. विशेषज्ञों का कहना है कि गुलाब की खेती का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से दिसंबर के बीच होता है. गर्मियों में इसे तीन से चार दिन और सर्दियों में सात से दस दिन पानी देना पर्याप्त होता है. एक बीघे में गुलाब की खेती के लिए चार से पांच टन गोबर की खाद, 40 से 50 किलो यूरिया, 25 से 30 किलो डीएपी और 20 किलो पोटाश की आवश्यकता होती है. साल में कम से कम दो बार कटाई और छटाई करना जरूरी है ताकि हर साल फूल आते रहें. गुलाब की फसल में रोग और कीट नियंत्रण के लिए समय पर कीटनाशक का छिड़काव भी आवश्यक है.
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मुनाफा और किसानों की बढ़ती आमदनी
गुलाब की खेती से किसानों को पूरे साल 60 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक का मुनाफा होता है. किसान अपनी खुद की गुलाब नर्सरी तैयार करके अधिक से अधिक कमाई करने की कोशिश कर रहे हैं. यही कारण है कि झांसी में गुलाब की खेती का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है और यह क्षेत्र के किसानों के लिए स्थायी आय का स्रोत बनता जा रहा है.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें