चित्रकूट को ईको टूरिज्म में मिली बड़ी सौगात, गुंता बांध बनेगा पर्यटन हब, जानें कैसे
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चित्रकूट. जिले में पर्यटन को नई उड़ान देने और प्राकृतिक सौंदर्य से स्थलों को विश्व पर्यटन मानचित्र पर लाने की दिशा में एक और बड़ी सौगात मिली है,चित्रकूट के रैपुरा गांव स्थित गुंता बांध को पर्यटन विभाग ने पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है. यूपी की योगी सरकार की इस पहल से न सिर्फ जिले में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
सुविधाओं से सजेगा गुंता बांध
आप को बता दे कि पर्यटन विभाग की योजना के अनुसार, गुंता बांध और रामनगर में आधुनिक पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी,यहाँ रिसॉर्ट, वोटिंग, वाटर स्पोर्ट्स, ट्रैकिंग और कैम्पिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों का संचालन किया जाएगा.जो आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा.बता दे कि जलाशय के किनारे प्राकृतिक सौंदर्य को सहेजते हुए पर्यटकों के लिए आकर्षक लोकेशन भी तैयार की जाएगी.
ईको टूरिज्म को लेकर बड़ा विजन
चित्रकूट धाम मंडल के क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव ने बातचीत में बताया कि प्रदेश सरकार ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के सात प्रमुख जलाशयों और बांधों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है. जिसमें अपना चित्रकूट का गुंता बांध भी है.
जल्द शुरू होंगे विकास कार्य
पर्यटन विभाग के अनुसार, जल्द ही गुंता बांध क्षेत्र में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का निर्माण शुरू होगा.इसके लिए डीपीआर तैयार कराई जा रही है,पर्यावरण अनुकूल तरीके से जलाशय क्षेत्र का विकास किया जाएगा,चित्रकूट का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पहले से ही देशभर में प्रसिद्ध है। अब सरकार की इस योजना के तहत चित्रकूट को ईको टूरिज्म हब के रूप में भी विकसित किया जाएगा। इससे जिले की पहचान और मजबूत होगी, और हजारों की संख्या में देश-विदेश से पर्यटक यहाँ पहुंचेंगे।