चित्रकूट में ₹11.38 करोड़ से बन रहा भव्य श्रीराम वाटिका ईको पार्क, काम तेज
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Chitrakoot Ram Vatika Eco Park: चित्रकूट में ₹11.38 करोड़ की लागत से भव्य ‘श्रीराम वाटिका ईको पार्क’ का निर्माण तेजी से हो रहा है. जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के अनुसार, बगरेही गांव में बन रहे इस आधुनिक पार्क का 50% से अधिक कार्य पूरा हो चुका है. यहां पर्यटकों को रबर पाथवे, ओपन-एयर एम्फीथिएटर और लाल बलुआ पत्थरों पर उकेरी गई प्रभु श्री राम की वनगमन यात्रा के जीवंत म्यूरल्स देखने को मिलेंगे. यह प्रोजेक्ट चित्रकूट में धार्मिक पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देगा.
Chitrakoot Ram Vatika Eco Park: प्रभु श्री राम की पावन तपोस्थली और प्रसिद्ध धर्म नगरी चित्रकूट की पर्यटन पहचान को अब एक नया और आधुनिक विस्तार मिलने जा रहा है. रामायण सर्किट के अंतर्गत यहां एक अत्यंत आधुनिक ‘श्रीराम वाटिका ईको पार्क’ का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जिसका 50 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है. यह पार्क न केवल देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बनेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा. वर्तमान में कामदगिरि, रामघाट और गुप्त गोदावरी जैसे विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए यहां हर वर्ष लाखों लोग पहुंचते हैं, जिनके लिए यह ईको पार्क एक नया और अनूठा अनुभव होगा.
11.38 करोड़ की धनराशि से संवर रही विरासत
आपको बता दें कि चित्रकूट के गणेशबाग के समीप बगरेही गांव में विकसित हो रहे इस ईको पार्क पर लगभग 11.38 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जा रही है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना का 50 प्रतिशत से अधिक निर्माण कार्य सफलता पूर्वक पूरा कर लिया गया है. इस ईको पार्क में आने वाले पर्यटकों को प्रकृति, संस्कृति और भगवान श्रीराम के वनगमन से जुड़ी ऐतिहासिक विरासत का अनूठा संगम एक ही स्थान पर देखने को मिलेगा. इसके साथ ही पार्क को पूरी तरह हरियाली से आच्छादित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न प्रजातियों के पौधे, आकर्षक लैंडस्केप और पर्यावरण संरक्षण को विशेष रूप से ध्यान में रखते हुए विकास कार्य किए जा रहे हैं.
DM पुलकित गर्ग ने दी आधुनिक सुविधाओं की जानकारी
इस संबंध में डीएम पुलकित गर्ग ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि पर्यटकों को एक बेहद आकर्षक और यादगार ईको-टूरिज्म अनुभव उपलब्ध कराने के लिए यहां कई तरह की आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. वर्तमान में पार्क की बाउंड्री वॉल का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है. इसके अलावा रबर फ्लोरिंग वाले शानदार वॉकिंग पाथवे, पर्यटक सुविधा केंद्र (टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर), बैठने के लिए आरामदायक चेयर और बेंच, कलात्मक इंस्टॉलेशन तथा बच्चों के मनोरंजन के लिए आधुनिक खेल उपकरण लगाने का कार्य गति से चल रहा है. इस पार्क की सबसे बड़ी विशेषता लाल बलुआ पत्थर से तैयार किए जा रहे भव्य म्यूरल्स हैं, जो भगवान श्रीराम की वनगमन यात्रा को जीवंत रूप में दर्शाएंगे.
ओपन-एयर एम्फीथिएटर और म्यूरल्स से दिखेगी वनवास काल की झलक
डीएम ने आगे बताया कि इन विशेष कलाकृतियों के माध्यम से भगवान श्रीराम के वनवास काल की प्रमुख पौराणिक और ऐतिहासिक घटनाओं को अत्यंत आकर्षक और जीवंत स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे यहां आने वाले पर्यटक हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को बेहद करीब से महसूस कर सकेंगे. इस परियोजना में पर्यटकों की सुविधा के लिए आधुनिक कैफेटेरिया और सामूहिक बैठकों के लिए गजेबो स्पेस भी बनाया जा रहा है, जिनका लगभग 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है. इसके अतिरिक्त, यहां 200 से 250 लोगों की बैठक क्षमता वाला एक शानदार ओपन-एयर एम्फीथिएटर भी विकसित किया जा रहा है. इस एम्फीथिएटर में नियमित रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लोक कला प्रस्तुतियों तथा भगवान श्रीराम के वनवास पर आधारित अत्याधुनिक प्रोजेक्शन मैपिंग शो का भव्य आयोजन किया जाएगा.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें