जामा मस्जिद की जर्जर दीवार और मुख्य द्वार की मरम्मत की मांग, ASI को भेजा पत्र

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जामा मस्जिद की जर्जर दीवार और मुख्य द्वार की मरम्मत की मांग, ASI को भेजा पत्र


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संभल जामा मस्जिद की इंतजामिया कमेटी के सदर ने ASI को पत्र लिख कर मस्जिद की मरम्मत की मांग की है. जिसके बाद ASI के वकील ने कई सवाल उठाये है. उन्होंने कहा है कि क्या वाकई मस्जिद को मरम्मत की जरूरत है या फिर मरम्मत की आड़ में अहम साक्ष्य और सबूतों को मिटाने की कोशिश की जा रही है.

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जामा मस्जिद की जर्जर दीवार और मुख्य द्वार की मरम्मत की मांग, ASI को भेजा गया पत्र

संभल: उत्तर प्रदेश के संभल में एएसआई संरक्षित जामा मस्जिद की इंतेजामिया कमेटी ने मस्जिद की क्षतिग्रस्त दीवार और जर्जर मुख्य द्वार की मरम्मत कराने की मांग उठाई है, जहां कमेटी के सदर जफ़र अली ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण मेरठ मंडल कार्यालय को पत्र भेजकर जल्द मरम्मत की अनुमति देने की अपील की है.

ASI के वकील ने उठाये कई सवाल
वहीं बता दें कि ASI के वकील ने इस पत्र के बाद कई सवाल उठाये है. उन्होंने कहा है कि मस्जिद को मरम्मत कराने की जरूरत है या नहीं या फिर मरम्मत की आड़ में मंदिर होने के सबूतों को मिटाया जायेगा. साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि मस्जिद के मेन गेट पर भी कई महत्वपूर्ण साक्ष्य है जिन्हें मिटाने की कोशिश की जा रही है.

मुख्य द्वार को लेकर भी जताई चिंता
वहीं इंतेजामिया कमेटी का कहना है कि मुख्य द्वार भी काफी पुराना और कमजोर हो चुका है. जिसकी हालत दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है और यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो आने-जाने वाले लोगों की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो सकता है. ऐसे में दीवार और मुख्य द्वार दोनों की तत्काल मरम्मत की जरुरत बताई गई है.

पहले भी मांगी गई थी रंगाई-पुताई की अनुमति
बता दें कि इससे पहले फरवरी 2025 में भी जामा मस्जिद कमेटी ने मस्जिद में रंगाई-पुताई की अनुमति मांगी थी. उस समय मामले में हाईकोर्ट से सशर्त अनुमति मिली थी. वहीं 8 फरवरी 2026 को भी इंतेजामिया कमेटी ने ईद-उल-फितर से पहले रंगाई-पुताई की इजाजत मांगी थी, लेकिन ASI ने इसकी अनुमति नहीं दी थी.

बंदरों के कारण गिरा दीवार का हिस्सा
वहीं कमेटी की ओर से भेजे गए पत्र में बताया गया है कि 11 फरवरी 2026 की दोपहर बंदरों के उछल-कूद करने के कारण मस्जिद के मुख्य गेट के बराबर स्थित पुलिस गार्द के ऊपर की दीवार का हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर गिर गया है. साथ ही पत्र में यह भी कहा गया है कि दीवार का कुछ हिस्सा अब भी जर्जर हालत में लटका हुआ है, जो कभी भी गिर सकता है और किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है.

पहले भी सर्वे के दौरान भड़की थी हिंसा
गौरतलब है कि 19 नवंबर 2024 को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) कोर्ट में जामा मस्जिद को मंदिर बताए जाने का वाद दायर किया गया था. कोर्ट के आदेश पर 24 नवंबर 2024 को मस्जिद परिसर का सर्वे कराया गया था. वहीं सर्वे के दौरान इलाके में हिंसा भड़क गई थी, जिसमें चार लोगों की मौत भी हुई थी, जबकि करीब 30 पुलिसकर्मी और अधिकारी घायल हुए थे. घटना से जुड़े 12 मुकदमे फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है.

अब एक बार फिर मस्जिद की सुरक्षा और मरम्मत को लेकर मांग उठने के बाद प्रशासन और एएसआई की भूमिका पर निगाहें टिकी हुई है.

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शिवानी गुप्ता

Shivani Gupta is a Media Professional with 3 years of experience in reporting, content writing and production. She has worked with reputed media organizations like News18, Hindustan Times⁠, DEN Kashi ⁠and The L…और पढ़ें



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