जिस मार्केट में कभी पूर्वांचल के व्यापारियों की उमड़ती थी भीड़, आज सन्नाटा!
Last Updated:
Varanasi Dalmandi Project Ground Report: दालमंडी कभी पूर्वांचल के सबसे बड़े बाजार के रूप में जाना जाता था, लेकिन अब यह बाजार खत्म होता नजर आ रहा है. दुकानों की जगह अब जगह-जगह मलवे का ढ़ेर हर तरफ नजर आ रहा है. हथौड़े की गूंज और बुलडोजर की गर्जन सुबह से शाम तक दालमंडी में गूंज रही है. आइए देखते हैं कि मौजूदा समय में यहां के क्या हालात हैं.
वाराणसी: बनारस के दालमंडी में सुबह से शाम तक लोगों की भीड़ होती थी. कपड़े, कॉस्मेटिक, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, खिलौने जैसी जरूरत की हर चीज इस बाजार में उपलब्ध थी. लेकिन मौजूदा समय में दालमंडी बाजार की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है. दुकानों की जगह अब जगह-जगह मलवे का ढ़ेर हर तरफ नजर आ रहा है. हथौड़े की गूंज और बुलडोजर की गर्जन सुबह से शाम तक दालमंडी में गूंज रही है.
हर दिन दिन प्रशासन की ओर से नए भवनों का ध्वस्तीकरण किया जा रहा है. शुक्रवार को भी 7 नए भवनों को तोड़ने का काम शुरू हो गया. ध्वस्तीकरण की इस पूरी कार्रवाई के दौरान दालमंडी छावनी में तब्दील नजर आया. 650 मीटर लम्बे इस बाजार में जगह-जगह पुलिस और अर्द्ध सैनिक बल की तैनाती रही. इसके अलावा ड्रोन कैमरे से भी पूरे दालमंडी और उससे सटे आसपास के इलाकों में नजर रखी जा रही है.
लगातार अफसर कर रहें गश्त
हर दिन पुलिस के आला अफसर खुद सुरक्षा और शांति के मद्देनजर दालमंडी की सड़क पर गश्त कर रहे हैं. पूरे पुलिस फोर्स के साथ ये मार्च किया जा रहा है. इस दौरान सुरक्षा संबंधित हर पॉइंट्स पर अधिकारी पैनी नजर रखे हुए हैं. लोकल 18 से बातचीत में जेसीपी शिवहरी मीणा ने बताया कि दालमंडी में जिन भी जवानों की ई-ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें भी हेलमेट के साथ तैनाती का निर्देश दिया गया है. इसके अलावा जिन जगहों पर ध्वस्तीकरण हो रहा है, वहां आम लोगों के आने-जाने पर भी रोक लगाई गई है. इसके लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था है.
110 भवनों पर कार्रवाई
दालमंडी में हर तरफ मलवे का अंबार होने के कारण यहां आने-जाने वालों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता के के सिंह ने बताया कि अब तक 110 भवनों के ध्वस्तीकरण का काम पूरा हुआ है. जून महीने तक सभी 187 भवनों पर ध्वस्तीकरण का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. उसके बाद नए दालमंडी की सड़क का निर्माण होगा.
पीएम ने रखी थी आधारशिला
बताते चलें कि अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दालमंडी चौड़ीकरण प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी थी. नवम्बर महीने में पहले भवन की रजिस्ट्री हुई और फिर उसका ध्वस्तीकरण किया गया. इसके साथ जैसे-जैसे भवनों की रजिस्ट्री हुई, वैसे-वैसे दालमंडी में ध्वस्तीकरण होता गया. बताते चलें कि अब तक दो तिहाई काम लगभग पूरा हो गया है.
About the Author
आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.