टंकी में कितना पानी? इस डिवाइस से चल जाएगा पता, बिजली का बिल भी होगा आधा!
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UP News: साकेत आईटीआई से इलेक्ट्रॉनिक में अध्ययन करने वाले स्टूडेंट अभिषेक ने अनोखा मॉडल बनाया है. पहले जहां टंकी के फुल भरने के बाद ही अलार्म बजना शुरू होता था. अब पहले ही इस मॉडल से पता लग जाएगा कि टंकी कितने प्रतिशत तक भर गई है.
मेरठ: वर्तमान समय की अगर बात करें तो विभिन्न शिक्षण संस्थानों में युवा अध्ययन करने के साथ ही ऐसे मॉडल पर भी काम करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जो भविष्य की चुनौतियों का समाधान करने में सार्थक भूमिका निभा सकते हैं. कुछ इसी तरह का उदाहरण मेरठ साकेत स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में अध्ययन करने वाले इलेक्ट्रॉनिक ट्रेड के फाइनल ईयर स्टूडेंट अभिषेक ने भी पेश किया है. उन्होंने एक वॉटर लेवल नाम से ऐसा डिवाइस बनाया है, जो जल संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
जल संरक्षण के साथ होगी बिजली की भी बचत
लोकल 18 से खास बातचीत करते हुए अभिषेक ने बताया कि वर्तमान समय में देखने को मिलता है कि सभी घरों में टैंक में बजने वाला अलार्म तो लगा दिया जाता है. वह टैंक फुल होने के पश्चात ही लोगों को अपडेट करता है, जिसमें की कई बार टैंक के स्विच को बंद करने में देरी हो जाती है और सैकड़ों लीटर पानी बह जाता है. कहीं ना कहीं हमारे जीवन के लिए काफी घातक है. इसीलिए उन्होंने एक ऐसा डिवाइस तैयार किया है, जिसमें टैंक में प्रतिशत के हिसाब से पानी की जानकारी उपलब्ध हो जाएगी.
आधुनिक सेंसर पैरामीटर लगाए गए
उन्होंने कहा कि इसमें ऐसे आधुनिक सेंसर पैरामीटर लगाए गए हैं, ताकि 25%, 50%, 75% और 100% तक जब आपके टैंक में पानी हो जाएगा तो प्रत्येक पैरामीटर पर आपको जानकारी साउंड एवं बल्ब के माध्यम से मिल जाएगी. इससे कि आप जल संरक्षण के प्रति महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा सकते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपने इस डिवाइस में विभिन्न प्रकार के अलग-अलग रंग के बल्ब का उपयोग किया गया है. इसमें अगर आपके टैंक में 25% पानी है तो आपको ग्रीन लाइट के माध्यम से पता चलेगा. साथ ही 50% तक येलो, 75% तक ब्लू एवं 100% पानी होने के बाद रेड लाइट से संकेत मिलेंगे.
उन्होंने बताया कि अभी तक प्रणाली के उपयोग के माध्यम से टैंक में कितना पानी है. इसका विवरण हमें उपलब्ध नहीं होता है. इसलिए हम बार-बार समरसेबल मोटर को चलाते है. इससे बिजली का बिल भी काफी आता है. ऐसे में लाइट के संकेत के माध्यम से यह भी जान पाएंगे कि टैंक में वर्तमान समय में कितना पानी है. उसकी आवश्यकता के अनुसार ही अगर आप समरसेबल या पानी की मोटर को चलाएंगे तो बिजली का बिल भी कम आएगा.
बताते चलें कि अभिषेक ने एक महीने में इस मॉडल को तैयार किया है. इसमें अभी 700 रुपए का खर्चा आया है, लेकिन जब बड़ी मात्रा में इसे तैयार किया जाएग तो इसकी कॉस्ट काफी कम आएगी. उन्होंने बताया बाजार में विभिन्न प्रकार के मॉडल भले ही मौजूद हो. पर इसमें एआई का सहारा लेते हुए काफी अपडेट मॉडल तैयार किया है, जो भविष्य में काफी बेहतर होगा.
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Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें