ट्रेनों को सुरक्षित चलाने के लिए 790 किमी. पर लगेगा कचव 4.O, जानें इसके रूट
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Indian Railways- ट्रेनों को सुरक्षित चलाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है. इसी दिशा में उत्तर मध्य रेलवे के 790 रूट किलोमीटर मार्गों पर ‘कवच’ प्रणाली लगाने के लिए 309.26 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गयी है.
सांकेतिक फोटोउत्तर मध्य रेलवे के लिए इस अंब्रेला कार्य के अंतर्गत 540 करोड़ रुपये का सब-अंब्रेला सब अंब्रेला काम स्वीकृत किया गया है, जिसमें से 309.26 करोड़ रुपये की लागत से कवच प्रणाली को मंजूरी मिली है. भारतीय रेलवे के सभी रूटों पर कवच तकनीक लगा रहा है और उत्तर मध्य रेलवे के शेष मार्गों पर भी इस प्रणाली को लगाया जाना आवश्यक है, जिससे ट्रेनों ऑपरेशन और अधिक सुरक्षा हो सके.
प्रयागराज डिवीजन के शिकोहाबाद–फर्रुखाबाद खंड (103.58 किमी), आगरा मंडल के धौलपुर–सर्मथुरा (70 किमी) और भांडई–उदईमोड़ (113 किमी), तथा झांसी डिवीजन के ललितपुर–खजुराहो (164 किमी), बिरलानगर–उदईमोड़ (102 किमी), खजुराहो–महोबा (64 किमी), AIT–कोंच (13 किमी) और अलीगढ़–हरदुआगंज (14 किमी),खुर्जा जंक्शन–खुर्जा सिटी (4 किमी),बरहन–एटा (58 किमी),इटावा–मैनपुरी (54 किमी), कानपुर–अनवरगंज खंड (2.42 किमी), मोहारी–टंटपुर (18 किमी), उदिमोर–इटावा (10 किमी) खंडों पर कवच लगाया जाएगा.
भारतीय रेलवे अगले 6 वर्षों में देशभर के प्रमुख रेलमार्गों पर कवच 4.0 को लागू करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है. अभी तक 30,000 से अधिक रेलवे कर्मियों को कवच प्रणाली पर प्रशिक्षण दिया जा चुका है. कचव लगाने के ट्रेनें बिल्कुल सुरक्षित हो जाएंगी. हादसों की संभावनाएं खत्म हो जाएंगी. मंत्रालय की पहली प्राथमिकता कचव लगाकर ट्रेनों को सुरक्षित चलाना है.