तेज रफ्तार पर लगेगा ब्रेक! गाजियाबाद में गूगल मैप्स से जुड़ेंगी सड़कें, बताएगा तय स्पीड लिमिट, चालकों को मिलेगा रियल-टाइम अलर्ट
गाजियाबाद: अब गाजियाबाद की सड़कों पर तेज रफ्तार से वाहन चलाना आसान नहीं होगा. यातायात पुलिस जल्द ही जिले की प्रमुख सड़कों को डिजिटल स्पीड अलर्ट सिस्टम से जोड़ने जा रही है. इसके लिए पुलिस ने गूगल मैप्स के साथ समन्वय की योजना बनाई है, ताकि वाहन चालकों को सफर के दौरान रियल-टाइम में स्पीड लिमिट की जानकारी मिल सके. यह कदम सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
गूगल मैप्स पर दिखेगी हर सड़क की तय गति सीमा
यातायात पुलिस जिले की सभी प्रमुख सड़कों की मार्गवार स्पीड लिमिट की सूची तैयार कर रही है. इसके बाद इसे गूगल प्लेटफॉर्म के साथ साझा किया जाएगा. जब कोई चालक गूगल मैप्स का इस्तेमाल करेगा, तो उसे उसी रास्ते की अधिकतम अनुमन्य गति की जानकारी तुरंत मिल जाएगी. पुलिस अधिकारी जल्द ही गूगल के प्रतिनिधियों से बातचीत कर इस सिस्टम को लागू कराने की प्रक्रिया शुरू करेंगे.
गाजियाबाद से गुजरने वाले कई व्यस्त और अहम मार्ग इस डिजिटल सिस्टम में शामिल किए जाएंगे, जिनमें दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME), ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे (EPE), एनएच-9, जीटी रोड, दिल्ली-मेरठ रोड और हापुड़ रोड अन्य प्रमुख शहर मार्ग शामिल हैं. इस पहल से न सिर्फ तेज रफ्तार पर रोक लगेगी, बल्कि चालकों में गति सीमा को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी.
हल्के और भारी वाहनों की तय अधिकतम रफ्तार
गाजियाबाद से गुजरने वाले मार्गों पर फिलहाल निर्धारित गति सीमा इस प्रकार है-
ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे (EPE)
हल्के वाहन: 120 किमी/घंटा
भारी वाहन: 100 किमी/घंटा
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME)
हल्के वाहन: 100 किमी/घंटा
भारी वाहन: 80 किमी/घंटा
एनएच-9
हल्के वाहन: 80 किमी/घंटा
भारी वाहन: 60 किमी/घंटा
सर्दी और कोहरे के लिए विशेष स्पीड एडवाइजरी लागू
सर्दी के मौसम और घने कोहरे को देखते हुए यातायात पुलिस ने 15 दिसंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है. इस अवधि में भारी वाहनों की गति: 40 किमी/घंटा और हल्के वाहनों की गति: 60 किमी/घंटा रहेगी. यह नियम DME, EPE और NH-9 पर लागू रहेंगे. इसका उद्देश्य कोहरे के दौरान दृश्यता कम होने की स्थिति में दुर्घटनाओं को रोकना और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है.
क्या बोले अतिरिक्त पुलिस आयुक्त
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक प्रियदर्शी ने कहा, ‘तकनीक के माध्यम से सड़क सुरक्षा को मजबूत करना समय की आवश्यकता है. गाजियाबाद की सड़कों की स्पीड लिमिट को गूगल के साथ साझा करने से वाहन चालकों को स्पष्ट स्पीड अलर्ट मिलेगा, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी. सुरक्षित यातायात की दिशा में यह पहल बेहद कारगर साबित होगी.’