दोस्त से मिला आइडिया, किसान ने खेती के साथ शुरू किया यह काम, बदल गई तकदीर! आज घर बैठे हो रही लाखों की कमाई
Last Updated:
Success Story: अमेठी के किसान सत्येंद्र सिंह ने पारंपरागत खेती छोड़कर केले की ऑर्गेनिक खेती और मुर्गी पालन शुरू किया. एक दोस्त के सुझाव पर की गई शुरुआत ने उन्हें पहली ही साल लाखों रुपये का मुनाफा दिलाया. आज वे तीन हेक्टेयर में केले की खेती कर हर वर्ष अच्छी कमाई कर रहे हैं.
परंपरागत खेती के साथ-साथ ऑर्गेनिक खेती आज किसानों के लिए तरक्की का नया रास्ता बन सकती है. यदि खेती के साथ कोई अतिरिक्त व्यवसाय भी जोड़ दिया जाए, तो किसान घर बैठे लाखों की कमाई कर सकता है. अमेठी जिले के एक किसान इसकी बेहतरीन मिसाल हैं, जिन्होंने खेती और बिज़नेस दोनों को मिलाकर अपनी जिंदगी बदल दी. यह शुरुआत उनके एक दोस्त के सुझाव से हुई और आज वे हर साल लाखों रुपये कमा रहे हैं.
अमेठी के किसान सत्येंद्र सिंह की दोहरी सफलता
एमए तक पढ़ाई कर चुके सत्येंद्र सिंह अमेठी के गौरीगंज क्षेत्र के टिकरिया गांव के निवासी हैं. वे पहले केवल धान और गेहूं जैसी पारंपरिक खेती करते थे, लेकिन वर्ष 2016 में एक दोस्त के आइडिया पर उन्होंने केले की खेती शुरू की. पहले ही साल 1 एकड़ में उन्हें लगभग 5 लाख 40 हजार रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ, वह भी बिना किसी अतिरिक्त खर्च के. इसके बाद उन्होंने पूरी तरह ऑर्गेनिक खेती अपनाई और आज 3 हेक्टेयर से अधिक में केले की खेती कर रहे हैं, जिससे उन्हें हर वर्ष लाखों का लाभ हो रहा है.
खेती के साथ मुर्गी पालन से अतिरिक्त आय
सत्येंद्र सिंह खेती के साथ-साथ मुर्गी पालन भी करते हैं, जिससे उन्हें प्रतिवर्ष 5–6 लाख रुपये की अतिरिक्त कमाई हो जाती है. मुर्गी पालन से निकलने वाली खाद का उपयोग वे अपने खेतों में करते हैं, जिससे उन्हें रासायनिक खाद की जरूरत नहीं पड़ती और खाद के खर्च की बचत भी हो जाती है.
खेती में सफलता की मिसाल
सत्येंद्र सिंह बताते हैं कि उन्हें शुरुआत में खेती का ज्यादा अनुभव नहीं था, लेकिन केले की खेती ने उनकी जिंदगी बदल दी. आज वे अच्छे-खासे अनुभवी किसान बन चुके हैं और खेती से ही अपनी हर जरूरत पूरी कर रहे हैं. उनका कहना है कि मेहनत और सही मार्गदर्शन से खेती-किसानी में सफलता हासिल की जा सकती है और यह एक स्थायी व लाभकारी स्रोत बन सकता है.
About the Author
पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें