नरसंहार: महिलाएं चीखती रही, 24 लोगों को बदमाशों ने गोलियों से भून डाला

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नरसंहार: महिलाएं चीखती रही,  24 लोगों को बदमाशों ने गोलियों से भून डाला


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Dihuli Mass Murder Case: यूपी में फिरोजाबाद के दिहुली गांव में नरसंहार हुआ था. इस गांव के 24 लोगों को बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. गांव पहुंचकर तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी ने घर, बिजली और असलहों का लाइस…और पढ़ें

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लोकल 18 से बातचीत करते हुए पीड़ित परिवार के लोग

हाइलाइट्स

  • दिहुली गांव में 24 लोगों की हत्या हुई थी.
  • सरकारी आवास खंडहर में बदल गए हैं.
  • पीड़ित परिवार कच्चे मकान में रहने को मजबूर है.

फिरोजाबाद: यूपी के फिरोजाबाद में आज से लगभग 44 साल पहले एक ऐसा नरसंहार हुआ था, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया था. यहां दिहुली गांव में बदमाशों ने घर में घुसकर एक साथ दो दर्जन से अधिक लोगों को गोलियों से भून डाला था. इस घटना ने केंद्र सरकार को भी हिला के रख दिया था. इसके बाद गांव में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पीड़ित परिवार के लोगों से मिलने पहुंचीं थी.

प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पीड़ित परिवार के लोगों को आवास से लेकर सरकारी नौकरी और अन्य सरकारी लाभ दिए थे, लेकिन 44 साल बाद कोर्ट द्वारा पीड़ित परिवार को न्याय तो मिला, लेकिन उनकी जिंदगी में आज भी दहशत है. जिस जगह एक साथ कई परिवार के लोगों को गोलियों से भून दिया था. वहां जाने से आज भी लोगों को डर लगता है. इसके अलावा उनको मिली सरकारी सुविधाएं भी अधूरी रह गई.

खंडहर में बदल चुके हैं सरकारी आवास

फिरोजाबाद के जसराना क्षेत्र में स्थित गांव दिहुली में लोकल 18 की टीम ने पीड़ित परिवार के लोगों से बातचीत की. इस दौरान एक वृद्ध महिला सुआ देवी ने बताया कि साल 1981 में उनके गांव में दहशत फैला देने वाली घटना हुई थी. दर्जनों की संख्या में हथियार सहित लोग गांव में घुस आए और उनके परिवार के लोगों पर गोलियां चलाना शुरू कर दिया था. जो जहां मिला उसे मौत के घाट उतार दिया गया था

24 लोगों की हुई थी हत्या

इस गोलीबारी में लगभग 10 परिवार से 24 लोगों की हत्या की गई थी. जिनमें उनके पति भी थे. इस घटना के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने गांव आकर उनको और उनके परिवार के लोगों को सरकारी सुविधाएं देने का वादा किया था. जिसके बाद गांव में पीड़ित परिवार के लोगों के लिए इंदिरा आवास भी बनाए गए थे, लेकिन धीरे धीरे उनके आवास टूटने लगे और खंडहर में बदल गए.

गांव में आज भी है दहशत

वहीं, गांव में दहशत की वजह से परिवार के कुछ लोग पलायन भी कर गए. जहां पीड़ित परिवार के लोगों ने कच्छी ईंट के घर बना लिए हैं. इसके अलावा वहां मौजूद एक महिला सोनकली ने कहा कि इतने साल हो गए घटना को, जिसमें कुछ आरोपी मर भी चुके हैं. कोर्ट ने फैसला दिया है. न्याय मिलने में देर हो चुकी है, लेकिन अब सब ठीक है. हम लोगों को सरकार द्वारा जो सुविधाएं मिली थी. वह अब नहीं रही और ना कोई हमारी सुध ले रहा है.

बुजुर्ग महिला बोली- कोर्ट ने सुनाया गलत फैसला

इस हत्याकांड से उनका परिवार उजड़ गया था. वह अकेली रहती हैं. इस उम्र में खाना पीना भी नहीं बनाया जाता. कभी-कभी अपनी देवरानी के घर से खाना लेकर आती है. वहीं, मकान भी कच्चे हैं. बहुत मुश्किल से जिंदगी का गुजारा हो रहा है. इतने साल बाद कोर्ट द्वारा सुनाए गए फैसले को लेकर महिला ने कहा कि कोर्ट ने एक आरोपी कप्तान सिंह को गलत सजा सुनाई है. वह इस घटना में शामिल ही नहीं थे.

घटना स्थल पर सुनाई देती है चीख पुकार

पीड़ित परिवार के एक व्यक्ति अमृतलाल ने बताया कि आज की हालत बहुत खराब हो चुकी है. आवास से लेकर अन्य सुविधाएं हमें दी गई थी. उनका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है. वहीं, जिस जगह 24 लोगों को गोली मारी थी. उस जगह पर शाम होने के बाद कोई नहीं जाता है. शाम होने के बाद रात में उस खंडहर से गोलियों और लोगों के चीखने पुकारने की आवाजें सुनाई देती हैं.

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें फ्री बिजली देने का वादा किया गया था, लेकिन अब उनसे बिजली का बिल वसूला जा रहा है. इसके अलावा बंदूक के लाइसेंस दिए गए थे. वह भी जमा हो गए. कोई भी सरकारी सुविधा उनको नहीं मिल पा रही है. इसके साथ ही न ही कोई गांव आकर उनकी सुध ले रहा है.

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