निजी स्कूलों को टक्कर दे रहे चित्रकूट के 8 सरकारी टॉप स्कूल, फ्री में बच्चों का एडमिशन

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निजी स्कूलों को टक्कर दे रहे चित्रकूट के 8 सरकारी टॉप स्कूल, फ्री में बच्चों का एडमिशन


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Chitrakoot top school: स्कूलों में एडमिशन का दौर शुरू है.अगर आप भी चित्रकूट में अपने बच्चे के लिए कोई अच्छा स्कूल गांव में ही देख रहे है, तो इन आठ स्कूलों में अपने बच्चे का एडमिशन करवा सकते है. इन सभी स्कूलों में बच्चों का फ्री में एडमिशन होगा. यहां बच्चों को एक नए युग के तर्ज में शिक्षा दी जाती है.जो किसी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं है.

यह पाठा क्षेत्र में गढ़चपा में संचालित उच्च प्राथमिक विद्यालय है, यहां आप अपने बच्चे का कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने के लिए एडमिशन करवा सकते है. इस स्कूल की खास बात यह है कि यहां बच्चों के बैठने के लिए बेहतर सुविधा, आरो का पानी और बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में नई नई तकनीक सिखाई जाती है.

यह पहाड़ी ब्लॉक अतर्गत मौजूद प्राथमिक विद्यालय देवल है, यह विद्यालय अपने आप में एक आकर्षण का केंद्र है.यहां बच्चों को एक नए युग के तर्ज में शिक्षा दी जाती है.जो किसी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं है. यह स्कूल 1 से 5 तक संचालित है,जहां गांव के बच्चे अपना एडमिशन ले सकते है.

यह पहाड़ी ब्लॉक अतर्गत मौजूद प्राथमिक विद्यालय देवल है, यह विद्यालय अपने आप में एक आकर्षण का केंद्र है. यहां बच्चों को एक नए युग के तर्ज में शिक्षा दी जाती है.जो किसी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं है. यह स्कूल 1 से 5 तक संचालित है,जहां गांव के बच्चे अपना एडमिशन ले सकते है.

प्राथमिक विद्यालय देवल पहाड़ी स्कूल की खास बात यह है कि इस स्कूल में बच्चों के लिए एक बेहतरीन लाइब्रेरी के साथ-साथ बच्चों को एसी क्लासरूम में बैठ कर पढ़ाया जाता है. जिससे बच्चों में शिक्षा के प्रति और भी उत्सुकता बढ़ रही है,और वह रोज स्कूल आ रहे हैं,अगर आप भी अपने बच्चों का एडमिशन कराना चाहते हैं तो इस स्कूल में करवा सकते हैं.

प्राथमिक विद्यालय देवल पहाड़ी स्कूल की खास बात यह है कि इस स्कूल में बच्चों के लिए एक बेहतरीन लाइब्रेरी के साथ-साथ बच्चों को एसी क्लासरूम में बैठ कर पढ़ाया जाता है. जिससे बच्चों में शिक्षा के प्रति और भी उत्सुकता बढ़ रही है,और वह रोज स्कूल आ रहे हैं,अगर आप भी अपने बच्चों का एडमिशन कराना चाहते हैं तो इस स्कूल में करवा सकते हैं.

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यह मानिकपुर पाठा क्षेत्र के सरैया में संचालित सरकारी पूर्व माध्यमिक विद्यालय है. इस विद्यालय को कई सरकार की ओर से नेशनल अवार्ड मिल चुका है. यहां बच्चों के लिए सीता रसोई की सुविधा के साथ-साथ प्राइवेट स्कूलों जैसी डिजिटल क्लासरूम में पढ़ाई कराई जाती है यह विद्यालय कक्षा 1 से 5 तक संचालित है और अभिभावक अपने बच्चों का यहां नि:शुल्क प्रवेश करा सकते हैं.और उनको शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ा सकते है.

यह मानिकपुर पाठा क्षेत्र के सरैया में संचालित सरकारी पूर्व माध्यमिक विद्यालय है. इस विद्यालय को कई सरकार की ओर से नेशनल अवार्ड मिल चुका है. यहां बच्चों के लिए सीता रसोई की सुविधा के साथ-साथ प्राइवेट स्कूलों जैसी डिजिटल क्लासरूम में पढ़ाई कराई जाती है यह विद्यालय कक्षा 1 से 5 तक संचालित है और अभिभावक अपने बच्चों का यहां नि:शुल्क प्रवेश करा सकते हैं.और उनको शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ा सकते है.

मानिकपुर पाठा क्षेत्र के बांभिया में प्राइमरी का यह एक इंग्लिश मीडियम स्कूल है. यहां विद्यालय के प्रधानाचार्य रवि सिंह के अनुसार, बच्चों के आने-जाने के लिए नि:शुल्क दो रिक्शों की व्यवस्था की गई है, ताकि बच्चों को स्कूल आने जाने में परेशानी न हो.इसके साथ ही समय-समय पर छात्रों को शैक्षिक भ्रमण पर भी ले जाया जाता है. यहां की कक्षाएं पूरी तरह डिजिटल हैं और विद्यालय कक्षा 1 से 5 तक संचालित है.कोई भी माता पिता अपने बच्चे का एडमिशन यहां फ्री में करवा सकता है.

मानिकपुर पाठा क्षेत्र के बांभिया में प्राइमरी का यह एक इंग्लिश मीडियम स्कूल है. यहां विद्यालय के प्रधानाचार्य रवि सिंह के अनुसार, बच्चों के आने-जाने के लिए नि:शुल्क दो रिक्शों की व्यवस्था की गई है, ताकि बच्चों को स्कूल आने जाने में परेशानी न हो.इसके साथ ही समय-समय पर छात्रों को शैक्षिक भ्रमण पर भी ले जाया जाता है. यहां की कक्षाएं पूरी तरह डिजिटल हैं और विद्यालय कक्षा 1 से 5 तक संचालित है.

यह तस्वीर चित्रकूट के उच्च प्राथमिक विद्यालय इटौरा पहाड़ी की है. इस विद्यालय में आपको एक से बढ़कर एक शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे बच्चे मिलेंगे. अभी हाल ही में इस स्कूल की एक छात्रा ने सड़क दुर्घटना का मॉडल बनाकर एरोप्लेन से गुजरात की यात्रा की है. इस स्कूल में बच्चों की बैठने,खेलने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है,और यहां के अध्यापक बच्चों को बेहतरीन शिक्षा दे रहे हैं.

यह तस्वीर चित्रकूट के उच्च प्राथमिक विद्यालय इटौरा पहाड़ी की है. इस विद्यालय में आपको एक से बढ़कर एक शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे बच्चे मिलेंगे. अभी हाल ही में इस स्कूल की एक छात्रा ने सड़क दुर्घटना का मॉडल बनाकर एरोप्लेन से गुजरात की यात्रा की है. इस स्कूल में बच्चों की बैठने,खेलने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है,और यहां के अध्यापक बच्चों को बेहतरीन शिक्षा दे रहे हैं.

यह तस्वीर चित्रकूट के मऊ क्षेत्र में मौजूद उच्च प्राथमिक विद्यालय इटहा देवीपुर की है. यह विद्यालय कक्षा 6 से 8 तक संचालित है, यहां बच्चों के पढ़ाई करने के लिए पुस्तकालय, पानी की व्यवस्था शौचालय सहित अन्य कई सुविधा उपलब्ध है. जहां आप अपने बच्चों का फ्री में एडमिशन करा कर उसकी शिक्षा बेहतर कर सकते हैं.

यह तस्वीर चित्रकूट के मऊ क्षेत्र में मौजूद उच्च प्राथमिक विद्यालय इटहा देवीपुर की है. यह विद्यालय कक्षा 6 से 8 तक संचालित है, यहां बच्चों के पढ़ाई करने के लिए पुस्तकालय, पानी की व्यवस्था शौचालय सहित अन्य कई सुविधा उपलब्ध है. जहां आप अपने बच्चों का फ्री में एडमिशन करा कर उसकी शिक्षा बेहतर कर सकते हैं.

यह विद्यालय चित्रकूट के मानिकपुर पाठा क्षेत्र के डोडामाफी गांव में मौजूद है, यहां एक समय डकैतों का गढ़ हुआ करता था. इसी विद्यालय में अब एक आधुनिक मॉडल विद्यालय बनकर भी तैयार हो गया है. यह विद्यालय एक से आठ तक संचालित है. जहां बच्चों को बैठने,पढ़ाई करने और शौचालय सहित हर एक सुविधा उपलब्ध है. अगर आप भी अपने बच्चों को शिक्षा प्रदान करवाना चाहते हैं तो आप इसमें अपने बच्चों का निशुल्क एडमिशन करवा सकते हैं.

यह विद्यालय चित्रकूट के मानिकपुर पाठा क्षेत्र के डोडामाफी गांव में मौजूद है, यहां एक समय डकैतों का गढ़ हुआ करता था. इसी विद्यालय में अब एक आधुनिक मॉडल विद्यालय बनकर भी तैयार हो गया है. यह विद्यालय एक से आठ तक संचालित है. जहां बच्चों को बैठने,पढ़ाई करने और शौचालय सहित हर एक सुविधा उपलब्ध है.



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