नीट परीक्षा 2026 रद्द होने से छात्रों में मायूसी, मेरठ के अभ्यर्थी पेपर लीक पर नाराज
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NEET 2026 Paper leak: नीट परीक्षा में प्रतिभाग करने वाले स्टूडेंट अभिमन्यु शर्मा ने नीट परीक्षा-2026 में गड़बड़ी को लेकर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि इससे बढ़िया तो स्कूल में ही व्यवस्था बेहतर रहती है. जहां स्कूल में पेपर भी बनते हैं, लेकिन कोई भी पेपर का क्वेश्चन लीक नहीं होता है. जबकि एजेंसी द्वारा काफी दावे किए जाते हैं, मगर उन पेपरो को लीक कर दिया जाता है. जिसे कहीं ना कहीं छात्रों के सामने संकट उत्पन्न हो जाता है. ऐसे में सरकार कठोर कार्रवाई संबंधित एजेंसी पर भी करें.
मेरठः राजस्थान के जिले में जिस तरह से नीट परीक्षा का पेपर लीक हुआ था. उसके बाद से ही नीट परीक्षाओं को लेकर संदेह जताया जा रहा था. इसी कड़ी में भारत सरकार के दिशा निर्देश अनुसार एनडीए ने नीट परीक्षा 2026 को कैंसिल कर दिया है. इसके बाद कहीं ना कहीं मेडिकल के क्षेत्र में अपना करियर बनाने वाले छात्र-छात्राओं में काफी मायूसी देखने को मिल रही है.
एजेंसी से अच्छा दायित्व निभाते हैं स्कूल
नीट परीक्षा में प्रतिभाग करने वाले स्टूडेंट अभिमन्यु शर्मा ने नीट परीक्षा-2026 में गड़बड़ी को लेकर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि इससे बढ़िया तो स्कूल में ही व्यवस्था बेहतर रहती है. जहां स्कूल में पेपर भी बनते हैं, लेकिन कोई भी पेपर का क्वेश्चन लीक नहीं होता है. जबकि एजेंसी द्वारा काफी दावे किए जाते हैं, मगर उन पेपरो को लीक कर दिया जाता है. जिसे कहीं ना कहीं छात्रों के सामने संकट उत्पन्न हो जाता है. ऐसे में सरकार कठोर कार्रवाई संबंधित एजेंसी पर भी करें. आखिर यह पेपर लीक कैसे हुआ.
मानसिक रूप से बढ़ जाता है दबाव
परीक्षार्थी आशा ने कहा की पेपर लीक होने से मानसिक रूप से दबाव बढ़ जाता है . क्योंकि नीट एक महत्वपूर्ण परीक्षा है, इसकी तैयारी एक-दो दिन से नहीं बल्कि स्टूडेंट दो या तीन साल से कर रहे होते हैं. ऐसे में इस बार पेपर दिया था तो उम्मीद जगी थी अबकी बार अच्छे कॉलेज में एडमिशन मिल जाएगा. लेकिन अब फिर से पेपर देना होगा. इस बात की चिंता भी है या पेपर कैसा आएगा.
ऐसी कार्रवाई हो की इसके बाद कोई सोचे तक नही
इसी तरह से परीक्षार्थी इलमा ने भी कहा कि छात्रों के लिए क्या बेहतर हो सकता है यह सरकार से ज्यादा कोई नहीं जान सकता है. ऐसे में अबकी बार कार्रवाई नजीर बने जिससे कि भविष्य में इस तरह की घटना ना हो. क्योंकि यह पेपर काफी अच्छा आया था ऐसे में अब पेपर कैसा आएगा यह युवाओं के लिए चुनौती भी रहेगी. साथ ही जो सपने सजाए थे, कहीं ना कहीं उनके सामने भी एक संकट उत्पन्न हो गया है. क्योंकि एग्जाम देने के बाद सभी स्टूडेंट अपने नंबरों का आंकलन करने के पश्चात यह सोचते हैं कि हमें किस इंस्टिट्यूट में एडमिशन मिल पाएगा. लेकिन जब एग्जाम कैंसिल होता है तो सपना टूटने लगते हैं.
बताते चलें कि इसी तरह से अन्य परीक्षाएं पेपर लीक होने से मायूस है, लेकिन उन्हें इस बात की खुशी है कि इस तरह से जो नाकाम लोग गलत रास्ता चुनकर मेडिकल लाइन में आना चाहते हैं, वह विफल हो गए हैं.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें